बयान / बनमनखी चीनी मिल की 118 एकड़ जमीन बियाडा को ट्रांसफर

बनमनखी चीनी मिल। बनमनखी चीनी मिल।
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बनमनखी चीनी मिल।बनमनखी चीनी मिल।

  • पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार ऋिष ने कहा कि लाभकारी उद्योग की होगी स्थापना, लोगों को मिलेगा रोजगार

दैनिक भास्कर

May 30, 2020, 05:00 AM IST

बनमनखी. राज्य के अंदर औद्योगिक इकाई की स्थापना हो, इस दिशा में सरकार लगातार सक्रियता से कार्य कर रही है। राज्य में अधिक से अधिक निवेश हो, इसके लिए जमीन की कमी को भरपाई करते हुए राज्य के कई शहरों के अलावा बनमनखी चीनी निगम की 118.55 एकड़ जमीन को सरकार ने बियाडा को स्थानांतरित कर दिया है। बनमनखी विधायक सह पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने बताया कि चीनी मिल की स्थापना पूर्णिया को-ऑपरेटिव सुगर फैक्ट्री लिमिटेड बनमनखी के नाम से वर्ष 1956 में हुई थी, जो 1977 तक सहकारिता के अधीन रहा बाद में राज्यपाल द्वारा सहकारिता से बिहार चीनी मिल निगम को बनमनखी चीनी मिल सौंप दिया था। 
कैबिनेट की बैठक में मिल को बियाडा को स्थानांतरित करने का निर्णय: सरकार द्वारा कैबिनेट के बैठक में 18 दिसंबर 2019 को मद संख्या 23 के रूप में बनमनखी चीनी मिल को बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया था। इसी आलोक में बिहार राज्य चीनी मिल से स्थानांतरित बनमनखी चीनी मिल के जमीन को अधिनियम 1974 के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र के रूप में बिहार के राज्यपाल के आदेश से आधिसूचित कर दिया गया है तथा 26 मई 2020 को इस अधिसूचना को राजपत्र में प्रकाशन के लिए भेज दिया गया है। मंत्री श्री ऋषि ने बताया कि बनमनखी में लाभकारी उद्योग की स्थापना की जाएगी। इसके लिए लगातार सरकार से बात कर रहे हैं आने वाले समय में यह औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित होकर पूर्व की तरह ख्याति प्राप्त करेंगे।

1997 से बंद पड़ा चीनी मिल होगा चालू

पूर्णिया |सरकार 1997 से बंद पड़े बनमनखी चीनी मिल को फिर से चालू करेगी। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक संजय कुमार वर्मा ने बताया कि बनमनखी चीनी मिल को फिर से चालू करने के लिए विभाग को स्वीकृति के लिए जनवरी में प्रस्ताव भेजा गया था। अब इसे विभाग की ओर से 26 मई को भेजे पत्र के माध्यम से स्वीकृति दी गई है।  वर्मा ने बताया कि इसके लिए बियाडा को कुल 118.55 एकड़ जमीन चाहिए, जो वहां उपलब्ध है। हालांकि मिल के जीर्णोद्धार के लिए अब तक कोई राशि नहीं मिली है। गन्ना उद्योग विभाग ने जमीन बियाडा को हस्तांतरित करने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। कभी एशिया का सबसे बड़े चीनी मिल था बनमनखी मेंकभी एशिया के सबसे बड़े चीनी मिल के रूप में बनमनखी चीनी मिल जाना जाता था। 1997 में चीनी मिल बंद हो गया। महाप्रबंधक ने बताया कि चीनी मिल चालू करने के लिए गन्ना मंत्री सह रुपौली की विधायक बीमा भारती ने भी अपनी ओर से काफी प्रयास किया है।

मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि।
मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि।

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