खेतीबाड़ी:मक्के की फसल में लगी कीट से किसानों में मायूसी

बरियारपुर2 महीने पहले
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दियारा में लगी मक्के की फसल में कीट दिखाते किसान। - Dainik Bhaskar
दियारा में लगी मक्के की फसल में कीट दिखाते किसान।
  • दियारा इलाके में लगी मक्के की फसल पर कीटों के आक्रमण से बचने के लिए उचित प्रबंधन जरूरी: समन्वयक

जिले के दियारा क्षेत्र मे काफी अधिक मात्रा में रवि मक्के की खेती इन दिनों किसानों के द्वारा की जा रही है। जिसमें किसान उन्नत प्रभेद काफी अधिक कीमत अदा कर खेतों में बुआई किए हुए हैं। इन दिनों दियारा के हजारों एकड़ में लगी मक्के की फसल में कीट का प्रकोप बढ़ गया है। इससे किसानों में फसल के बर्बाद होने का भय बना हुआ है। इस बाबत जानकारी देते हुए दियारा के किसान अखिलेश कुमार सिंह, इंदिरा देवी, सतनारायण मंडल, विजय पटेल, प्रमोद पासवान, जीतन मंडल आदि ने बताया कि 8 से 10 इंच के मक्के के पौधे पर कीट का प्रकोप होने के कारण कीट पौधे के पत्ते को खा जाते हैं। कई पौधे के गब्भे को भी कीट खा जाते हैं। जिससे किसानों में मायूसी है। कृषि समन्वयक चंद्र आलोक कुमार ने बताया कि ऐसी स्थिति में जैविक विधि के तहत मक्के के गब्भे में सर्फ का छिड़काव करें। वही रासायनिक विधि के तहत फुराडॉन दानेदार दवा 10 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से मक्के के गब्भे में चार से पांच दाने डाल दे। जिससे कीटों के आक्रमण को नियंत्रण किया जा सकेगा। दूसरा किसान भाई फसल चक्र को अपनाएं तथा ग्रीष्मकालीन मिट्टी पलटने वाले हल से गहरी जुताई करने से भी कीट व्याधियों का आक्रमण को नियंत्रित किया जा सकता है। किसानो को सलाह देते हुए कहा कि बराबर खेतों का निगरानी भी करते रहें। इन कीटों के आक्रमण से बचने हेतु समय-समय पर उचित प्रबंधन करना जरूरी है। किसी भी प्रकार की समस्याओं के समाधान हेतु सहायक निदेशक पौधा संरक्षण विभाग मुंगेर से संपर्क कर सकते हैं।

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