त्योहार:मकर संक्रांति पर ऋ षिकुंड में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ तिल दानकर लोगों ने की सुख-समृद्धि की कामना

बरियारपुर5 दिन पहले
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ऋषिकुंड के गर्म जल के कुंड में स्नान का आनंद उठाते पर्यटक। - Dainik Bhaskar
ऋषिकुंड के गर्म जल के कुंड में स्नान का आनंद उठाते पर्यटक।
  • मकर संक्राति को लेकर लोगों ने ऋषिकुंड स्थित देवी-देवताओं के विभिन्न मंदिर में की पूजा-अर्चना

मकर संक्रांति पर्व को लेकर बड़ी संख्या में पर्यटकों की भीड़ ऋषि कुंड में गर्म जल का आनंद उठाते देखा गया। पर्व को लेकर पहुंचे पर्यटकों ने पहले गर्म जल के कुंड में स्नान का आनंद उठाया। इसके उपरांत ऋषि कुंड में अवस्थित विभिन्न देवी-देवताओं की मंदिरों में पहुंचकर पूजा अर्चना करते हुए सुख समृद्धि की कामना की। इस क्रम में ऋषि कुंड पहुंचे पर्यटक अपने परिवार के साथ पहुंचे जमालपुर से आए दीपक कुमार लक्ष्मी कुमारी ने बताया कि 14 जनवरी मकर संक्रांति पर प्रतिवर्ष ऋषि कुंड पहुंचकर गर्म जल मे स्नान कर देवी देवताओं के मंदिरों में पहुंच भक्ति भाव पूर्वक पूजा आराधना करते हैं। जिससे मन्नते भी पूरी होती है। पर्यटक सोनी देवी, अलका देवी पूजा देवी, सीमा देवी, रीना देवी आदि ने कही कि ऋषि कुंड पहुंच भक्ति भाव से जो भी मन्नतें मंदिरों में मांगी जाती है वह मनोकामना पूरी होती है। इसी आस्था के साथ प्रतिवर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर ऋषिकुंड पहुंच गर्म जल में स्नान कर मंदिरों में पूजा अर्चना करती है। वहां पहुंचे पर्यटकों ने स्नान एवं पूजा आराधना के बाद प्रसाद के रूप में दही, चूड़ा के साथ ऋषि कुंड में ही बनाए गए स्वादिष्ट सब्जी का आनंद उठाया। हालांकि ऋषि कुंड पहुंचने वाले पर्यटकों में ऋषि कुंड में फैले व्याप्त गंदगी से काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पर्यटकों ने बताया कि अगर ऋषि कुंड की साफ-सफाई एवं सौंदर्य करण कर दिया जाए तो जिले का प्रमुख पर्यटन स्थल बन सकता है।

तिथि की उहापोह के बीच श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई डुबकी

मुंगेर | मकर संक्रांति पर्व शुक्रवार को मनाने को लेकर लोगों मंे उहापोह की स्थिति बनी रही। हालांकि परंपरा के अनुसार 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व निर्धारित होने के कारण शुक्रवार को काफी संख्या मंे मुंगेर के विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर पूजा अर्चना कर भगवान को तिल, चावल व गुड़ का भोग लगाया। गंगा स्नान व पूजा के पश्चात श्रद्धालुओं ने तिल व गुड़ का दान भी किया। हालांकि ठाकुर पंचांग मानने वाले कई श्रद्धालु शनिवार को भी मकरसंक्रांति का पर्व मनाएंगे। पंडित कौशल किशोर मिश्र ने बताया कि ज्योतिषीय गणना के अनुसार 14 जनवरी शुक्रवार की रात 8.40 बजे मकर का प्रवेश हो रहा है जो शनिवार दोपहर 12 बजे तक रहेगा। हिन्दू धर्म के अनुसार सूर्योदय की तिथि को ही किसी पूजा की तिथि मानी जाती है, ऐसे में शनिवार दोपहर 12.30 तक मकरसंक्राति पर्व मना सकते हैं। मकर संक्राति पर पुण्यकाल के समय स्नान का विशेष महत्व है।

मंदिरों में पहुंचकर श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना, तिल का लगाया भोग

बरियारपुर | मकर संक्रांति का त्यौहार बड़े ही उल्लास के साथ प्रखंड वासियों ने शुक्रवार को मनाया। पर्व को लेकर अहले सुबह से ही लोग गंगा के विभिन्न घाटों पर पहुंचकर स्नान किया। गंगा स्नान कर विभिन्न मंदिरों में पहुंच श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में तिल का भोग लगाया एवं अपने परिवार के सुख शांति की कामना की। बाद में लोगों ने दही, चूड़ा, तिलवा, तिलकुट, लाई के साथ स्वादिष्ट सब्जियों का आनंद लिया। साथ ही एक दूसरे को मकर संक्रांति पर की बधाइयां भी पूरे दिन देते रहे। मकर संक्रांति को लेकर प्रखंड के युवाओं ने दही चूड़े के भोजन के उपरांत पतंगबाजी का भी आनंद उठाया। जगह-जगह देर संध्या तक लोगों ने खेतों में एवं अपने-अपने छतों पर पतंगों के साथ पहुंचकर पतंगबाजी की।

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