लापरवाही:नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद भी नहीं हो रही समुचित सफाई

बौंसी24 दिन पहले
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छठ घाट के लिए जाने वाले रास्ते के बगल में फेंका जा रहा कचरा। - Dainik Bhaskar
छठ घाट के लिए जाने वाले रास्ते के बगल में फेंका जा रहा कचरा।
  • बौंसी को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद भी नहीं बदली तस्वीर

मंदार को पर्यटन के मानचित्र पर विशेष दर्जा मिल गया। प्रखंड क्षेत्र के शहरी इलाके भी नगर पंचायत की श्रेणी में आ गए हैं। छठ को लेकर कोई लाभ अब तक नहीं मिल पाया है। पर्यटन के मानचित्र पर चमक रहा मंदार को नगर पंचायत क्षेत्र में शामिल कर लेने के बाद भी नदियों एवं तालाबों के छठ घाट की सूरत अब भी नहीं बदले हैं। जबकि चार दिवसीय अनुष्ठान छठ पर्व का आरंभ में चंद दिन ही रह गये हैं, फिर भी मुख्य घाटों तथा पहुंच सड़कों पर गंदगी और कूड़े का अंबार लगा हुआ है। नाली और कचरे का गंदा पानी भी इन मार्गों पर जमा है। घाट से लेकर आस-पास के इलाकों की स्थिति बदतर हो गई है। स्थानीय लोगों में इस बात की काफी नाराजगी है। छठ पर्व बिहार का सबसे बड़ा पर्व है लेकिन इसको लेकर प्रशासन आज भी गंभीर नहीं है। इस घाट पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु अर्घ्य देने के लिए हर वर्ष पहुंचते हैं। ऐसे में नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद भी घाटों की सूरत नहीं बदली यह एक बड़ा प्रश्न है। जानकारी हो कि वर्ष 1995 में बाढ़ की विभीषिका के कारण छठ घाट और सड़कों की स्थिति काफी बदतर हो गई थी।

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