संगीतमय रामकथा का आयोजन:पुष्प वाटिका में सिया-रघुबर की प्रेम कहानी के रस में डूब गए सभी श्रद्धालु

चौसा2 महीने पहले
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कथा सुनते श्रद्धालु। - Dainik Bhaskar
कथा सुनते श्रद्धालु।
  • राम देखे सिया को सिया राम को चारो अखिया लड़ी की लड़ी रह गयी....

प्रखण्ड स्थित चौसा बारे मोड़ पर अमर नवयुवक छात्र संघ दुर्गा पूजा समिति द्वारा आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय रामकथा के छठवें दिन कथा व्यास उमेश ओझा के द्वारा कथा प्रसंग के तहत पुष्प वाटिका में सीता राम मिलाप व धनुष भंग की कथा मौजूद भक्तों को श्रवण कराया गया।

जहां भक्त गण कथा प्रसंग सुन भाव विभोर हो गये।वही राम जी के द्वारा धनुष टूटने के साथ श्री राम प्रभु के जयघोष से पूरा वातावरण गुंजयमान हो गया।वही सिया राम के मिलन पर मनमोहक भजन से श्रोता झूमने पर मजबूर हो गए।

जीव माया को नहीं हटा सकता है
सिया जी और प्रभु राम जी के बीच में लता है जिससे प्रभु राम जी का दर्शन अच्छी प्रकार से नहीं हो रहा है जीव ब्रह्म के बीच में माया रहती है जिससे ब्रह्म का दर्शन नहीं हो पाता है जीव माया को नहीं हटा सकता है स्वयं ब्रम्ह ही माया को हटा सकते हैं प्रभु राम जी लता रूपी माया को स्वयं हटाकर सिया जी सहित समस्त साथियों को दर्शन दे रहे हैं समस्त प्राणियों को नेत्र पर निमी जी विद्यमान रहते हैं यह निमी राजा सिया जी के कुल के पूर्वज हैं उन्हें देवताओं का ऐसा वरदान मिला था कि प्रत्येक प्राणियों के नेत्रों पर जाकर रहना इधर निमिजी को संकोच हुआ की बच्चों के बीच में बुड्ढों को नहीं रहना चाहिए।

अतः सिया जी वश्री राघवेंद्र सरकार के पलकों से निमिजी संकोच वश हट गए ।परिणामतः दोनों सरकार का पलक गिरना बंद हो गया। वे एक दूसरे को अपलक दृष्टि से देखने लगे पलक गिरता है तो उसे निवेश करते हैं। पलक ऊपर उठे तो उनमेश कहते है। यह तीनों नाम निमिजी के नाम पर पड़ता है।

धनुष भंग होते ही सीता जी के हुए राम
कथा व्यास ने कहा कि जब श्री राघवेंद्र सरकार जी गुरु विश्वामित्र कि आज्ञा प्राप्त कर धनुष भंग करने चले तो मा सुनैना घबरा गई। कि इतने छोटे से सुंदर कोमल बालक शिवजी के कठोर धनुष को कैसे तोड़ सकेंगे। इन की सखियों ने इन्हें सांत्वना देते हुए कहा सूर्य देखने में छोटे होते हैं उनके उदय होते ही सारा अंधकार दूर हो जाता है।

मंत्र छोटा होता है लेकिन उनके बस में ब्रह्मा, विष्णु एवं शिव जी समेत सभी देवता वश में हो जाते हैं। छोटा अंकुश विशाल हाथी को वश में कर लेता है। कामदेव पुष्प के वांण से समस्त विश्व के प्राणियों को बस में कर लेते हैं। अतः यह छोटे होते हुए भी इनके अंदर अपार शक्ति है श्री सिया जी श्री गणेश जी समेत शिव पर्वती जी को प्रार्थना करती है कि धनुष हल्का हो जाए अंत में अपने प्रेम की दुहाई देती है कि जिस पर जिसका सच्चा प्रेम होता है तो अवश्य ही मिलता है मुझे पता है मेरे प्रभु मुझे मैं बड़ी शक्ति है।

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