पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

ग्राउंड रिपोर्ट:इस चुनाव में भी चौसा लड़ाई का मैदान व च्यवनमुनि आश्रम का उद्धार मुद्दे से गायब

चौसा4 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • युद्ध स्थली को सुरक्षित-संरक्षित रखने की नहीं हो सकी कोई ठोस पहल

विधानसभा चुनाव को लेकर पूरे प्रखंड में चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चौक-चौराहे से लेकर घरों तक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के नाम को लेकर कयास लगाने का सिलसिला तेज हो गया है। पार्टी उम्मीदवार पर चर्चा हो रही है। बक्सर जिले में प्रथम चरण में मतदान के कारण लोगों में उत्साह काफी बढ़ गया है। लेकिन, इस चुनाव में स्थानीय मुद्दे गायब हैं।

चौसा आज भी पर्यटन स्थल से कोसो दूर है। अभी तक राजनीतिक दल का चुनावी मुद्दा नहीं बन पाया है। चौसा की लड़ाई से प्रसिद्ध चौसा गांव जो देश के सभी विद्यालयों में पढ़ाया जाता है। वह धरोहर धीरे धीरे विलुप्त होने के कगार पर है। सिर्फ सभी प्रत्याशी अपने जाति और पार्टी के आधार पर या फिर धर्म के नाम पर वोटरों का माइंड वाश कर रहे हैं।

सत्ता में चाहे कोई भी हो लेकिन चौसा की युद्ध स्थली एवं महादेवा घाट स्थित च्यवनमुनि आश्रम किसी को नजर नही आती है। सबसे अधिक दुखद तो यह है कि स्थानीय मुद्दों पर चर्चा यहां के लोग भी नहीं कर रहे हैं। इस वजह ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल होते हुए भी आज तक इस युद्ध स्थली को सुरक्षित व संरक्षित रखने की कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। जिससे जनता ठगा हुआ महसूस कर रही है।
पुरातत्व ने 2013 में कराई थी खुदाई
2012 में भारत सरकार मिली अनुमति पर राज्य सरकार द्वारा पुरातत्व विभाग के माध्यम से खुदाई 2013 में प्रारंभ करायी गयी। खुदाई से इस स्थल का जुड़ाव शेरशाह युद्ध के अवशेष ही नही बल्कि पांच हजार वर्ष पुरानी गौरवशाली सभ्यता के प्रमाण भी मिले। पुरातत्व विभाग के अनुसार खुदाई में जैन, बौद्धकाल से लेकर गुप्तकाल के सैकड़ों टेराकोटा की छोटी-बड़ी मूर्तियां प्राप्त हुई है। हालांकि, खुदाई में अभी जितने भी अवशेष मिले है। उन्हें ऐतिहासिक स्थल तथा जिले के संग्रहालय में नहीं, उसे पटना रखा जा रहा है। जबकि, पुरातत्व विभाग द्वारा बताया जा रहा है कि खुदाई में मिल रहे अवशेष से यहां पुरातन सभ्यता के होने का पता चल रहा है।
कोई सोचे तो जरा! क्या नहीं है चौसा
जलाशय के आसपास हिरणों का अघोषित अभयारण्य, चौसा के पास उत्तरायण से करवट लेती गंगा की मनमोहिनी चाल, चौसा का च्यवनमुनी आश्रम और भी बहुत कुछ। इतना कुछ होते हुए भी चौसा पर्यटन के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाता। जबकि, आध्यात्म पर्यटन के बूते ही हरिद्वार, वाराणसी व मथुरा-अयोध्या आदि शहरों का पूरे देश में नाम है। आध्यात्म जरिये पर्यटन की राह यहां भी बहुत मुश्किल नहीं है, जरूरत है तो बस उसे अमली जामा पहनाने की। लेकिन, यहां तो बस इच्छाशक्ति की कमी हर ओर है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज ग्रह स्थितियां बेहतरीन बनी हुई है। मानसिक शांति रहेगी। आप अपने आत्मविश्वास और मनोबल के सहारे किसी विशेष लक्ष्य को प्राप्त करने में समर्थ रहेंगे। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात भी आपकी ...

और पढ़ें