गोदभराई कार्यक्रम का आयोजन:चौसा केे 112 आंगनबाड़ी केंद्रों पर गोदभराई रस्म पूरी, सात से नौ महीने की गर्भवती महिलाओं को दिया गया पोषक आहार

चौसा20 दिन पहले
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गोदभराई करतीं पर्यवेक्षिका व अन्य - Dainik Bhaskar
गोदभराई करतीं पर्यवेक्षिका व अन्य
  • लाल चुनरी ओढ़ा, माथे पर लगाया गया टीका, महिलाओं के स्वस्थ जीवन की कामना की

प्रखण्ड क्षेत्र 112 आगनबाड़ी केंद्रों पर शुक्रवार को गोदभराई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 7 से 9 महीने की गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की गयी। साथ ही गर्भवती महिलाओं ने इस दौरान बेहतर पोषण के गुर भी सीखे। गर्भवती महिलाओं को लाल चुनरी ओढा कर एवं माथे पर लाल टीका लगा कार्यक्रम की शुरुआत हुई। महिलाओं को विभिन्न व्यंजनों में शामिल सतरंगी फल, सूखे मेवे भी भेंट की गयी। हंसी एवं गायन के बीच थिरकते हुए हर्षो-उल्लास के साथ गर्भवती महिलाओं के एक स्वस्थ जीवन की शुरुआत की कामना करते हुए उन्हें बेहतर पोषण की जानकारी भी दी गयी।

बता दें कि गर्भावस्था में महिलाओं को बेहतर पोषण की जरूरत अधिक होती है। इस दौरान बेहतर पोषण ना सिर्फ माता को स्वस्थ रखता है बल्कि यह गर्भ में पल रहे शिशु को भी स्वस्थ रखने में मददगार होता है। इसको ध्यान में रखते हुए गर्भवती महिलाओं को गर्भधारण के आखिरी दिनों में सुपोषित करने एवं इस दौरान बेहतर पोषण की जरूरत पर जानकारी देने के लिए प्रखण्ड में प्रत्येक महीने के 7 तारीख को आंगनवाड़ी केन्द्रों पर गर्भवती महिलाओं की गोदभराई रस्म का आयोजन होता है। चौसा प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत बारे मोड़ वार्ड 2 की आंगनबाड़ी सेविका लक्ष्मीना देवी ने बताया गर्भावस्था के आखिरी दिनों में बेहतर पोषण की अधिक जरुरत होती है। बेहतर पोषण के आभाव में महिलाओं में खून की कमी हो जाती है। इससे प्रसव के दौरान जटिलताएं बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि बेहतर पोषण एक स्वस्थ बच्चे के जन्म में सहायक होने के साथ गर्भवती महिलाओं में मातृ मृत्यु दर में कमी भी लाता है।

हरी साग-सब्जी, मौसमी फल, दाल, सूखा मेवा व दूध के सेवन से आवश्यक पोषक तत्वों की होती है पूर्ति
महिला पर्यवेक्षिका प्रीति कुमारी ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को विविध आहार की जरूरत होती है। इससे विभिन्न पोषक तत्वों की जरूरत पूरी होती है। इस दौरान आहार में प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट के साथ वसा की भी मात्रा होना जरुरी होता है। इसके लिए समेकित बाल विकास योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों में गर्भवती महिलाओं को साप्ताहिक पुष्टाहार भी वितरित किया जाता है। इसके साथ महिलाएं अपने घर में आसानी से उपलब्ध भोज्य पदार्थों के सेवन से भी अपने पोषण का ख्याल आसानी से रख सकती हैं।

हरी साग-सब्जी, मौसमी फल, दाल, सूखे मेवे एवं दूध के सेवन से आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति आसानी से की जा सकती है। इस मौके पर आँगनवाड़ी केंद्र की सेविका लक्ष्मीना देवी, हेमलता श्रीवास्तव, पूनम उपाध्याय, किरण देवी, सहायिका तथा पर्यवेक्षिका प्रीति कुमारी, पुष्पा देवी, प्रखण्ड समन्वयक धर्मेंद्र कुमार, एएनएम निर्मला देवी केयर इंडिया की बीएम वंदना कुमारी तथा अन्य ग्रामीण महिलाएं उपस्थित थे।

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