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धान के बीज की मांग:रोहाणी नक्षत्र में धान का बिचड़ा डालने का कार्य प्रारम्भ, कुछ मानसून की इंतजार में

चौसा9 दिन पहले
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प्रखण्ड क्षेत्र में रोहिणी नक्षत्र में किसान धान का बीज डालने में जुटे गये हैं।किसानों की माने तो धान का बिचड़ा डालने के लिए रोहणी नक्षत्र को उत्तम माना गया है। सिवान में स्थित अपने बिचड़ा के खेत को किसान तैयार कर रहे हैं। किसान बिचड़ा का खेत तैयार करने के साथ ही धान का बीज खरीदने बाजार में पहुंच रहे हैं। इसके चलते चौसा प्रखंडों के बाजारों में स्थित बीज की दुकानों पर किसानों की संख्या अधिक देखी जा रही है। विभिन्न तरह के धान के बीज की खरीदारी कर किसान खेत में बिचड़ा धीरे-धीरे डालने का कार्य भी शुरू कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार बीज की दुकानों पर गंगा कावेरी, मोती, हाइब्रिड आदि किस्म के धान के बीज की मांग अधिक है। बता दें कि प्रखण्ड क्षेत्र में किसान धान की खेती में काफी रुचि लेते हैं। इसके चलते रोहिणी नक्षत्र से ही जिले में धान का बिचड़ा तैयार करने का काम शुरू कर दिया जाता है। लेकिन पानी की कमी के चलते अधिसंख्य किसान रोहिणी नक्षत्र में धान का बीज डालने से वंचित रह जाते हैं।

जो बारिश होने या नदी आदि जल स्त्रोत में पानी आ जाने के बाद ही बीज डाल पाते हैं। वर्तमान समय में जहां नहरों में पानी है या बोरिंग या सबमर्सिबल की व्यवस्था है उन्हीं किसानों द्वारा धान का बीज डाला जा रहा है। वहीं धान की खेती करने के लिए किसान मोटर मशीन व अपने ट्रैक्टर की मरम्मत भी करा रहे हैं।

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