परेशानी:बिजली के 11 हजार तार के नीचे बिछा है जाल

चौथम10 दिन पहले
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विद्युत विभाग अपनी कार्यशैली के नाते अक्सर चर्चा में रहता है। बीते साल सोनवर्षा व मालपा - ब्रह्मा के बीच ग्यारह हजार तार गिरने से आधा दर्जन मवेशी की मौत हो गई थी। उसकी मौत का जिम्मेदार इसको कहा जाए- विद्युत विभाग को कहा जाए या अनहोनी कहा जाए? कुंभकरण की नींद से आखिर विद्युत विभाग कब जगेगा। पूर्व जिप इंद्रमोहन सिंह ने 11,000 हाईटेंशन तार के नीचे जाल बिछाने का मांग विभाग से किया है। क्योंकि तार टूटकर पहले जाल में रुक जाता और तार गिरने की रफ्तार धीमी हो जाती तो साथ में बचने की संभावना ज्यादा रहता है। वहीं समाजसेवी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रखंड के लालपुर गांव में घरों के छत के नजदीक से होकर 11,000 का तार गुजरा है। हालांकि तार के नीचे जाल है , लेकिन 11,000 तार के नीचे पोल की दूरी काफी है। कुछ जगह पर 11,000 तार के नीचे जाल भी नहीं है। जिससे आए दिन खतरा हो सकता है। बिजली विभाग को चाहिए कि पोल की दूरी कम करें तथा लालपुर गांव में कुछ जगह पर जहां 11,000 तार के नीचे जाल नहीं है वहां जाल लगाया जाए। बारिश के समय में भय बना रहता है।

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