परेशानी:शिक्षण संस्थानों के बंद रहने से मूर्तिकार परेशान

छातापुर3 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

प्रखंड क्षेत्र में कोरोना दस्तक दे चुका है। सारे स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान बंद हो चुके हैं। कोरोना की रफ्तार भी तेजी से बढ़ रही है। जिसके चलते आगे भी स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान बंद रखने की संभावना है। ऐसे में छातापुर के मूर्तिकार लॉकडाउन की संभावना से सहमे हुए हैं। लगातार दो साल से कोरोना ने मूर्तिकारों की कमर तोड़ दी है। अब इस वर्ष भी सरस्वती पूजा को लेकर उन्हें ऑर्डर नहीं मिल रहे हैं। हालांकि मूर्तिकार माता सरस्वती की प्रतिमाओं को मूर्त रूप तो दे रहे हैं। लेकिन उन्हें डर भी सता रहा है कि प्रतिमाएं बिकेंगी या नहीं। छातापुर निवासी विजय वर्मा लगातार कई सालों से मूर्ति बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना से भयभीत तो हैं। लेकिन रोजगार हमारा यही है। इससे ही हम साल भर परिवार का भरण पोषण करते हैं। सरकार से मांग करते हैं लॉकडाउन नहीं लगाए। ताकि हमारी बनाई मूर्ति बर्बाद ना हो। मूर्तिकार हंसराज ने कहा कि हम सभी कर्ज लेकर मूर्ति का निर्माण करते हैं। मिट्टी का दाम भी बढ़ गया है। बांस बल्ला का भी दाम बढ़ गया है। अगर मूर्ति नहीं बिकती हैं तो हम कहीं के नहीं रहेंगे। सरकार भी हम लोगों पर कोई संज्ञान नहीं ले रही है। आखिर हम परिवार कैसे पालेंगे।

खबरें और भी हैं...