परेशानी:ऑक्सीजन प्लांट में लटका ताला

बासु मित्र/आशीष सिंह | धमदाहा3 दिन पहले
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धमदाहा अनुमंडलीय अस्पताल में बने ऑक्सीजन प्लांट में ताला लटका हुआ है। अगर संक्रमण की रफ्तार बढ़ी तो परेशानी हो सकती है। - Dainik Bhaskar
धमदाहा अनुमंडलीय अस्पताल में बने ऑक्सीजन प्लांट में ताला लटका हुआ है। अगर संक्रमण की रफ्तार बढ़ी तो परेशानी हो सकती है।
  • धमदाहा अनुमंडलीय अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट चालू करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं
  • बनाने के बाद भूले अफसर प्लांट में न ऑपरेटर, न ही डीजी सेट, कैसे लड़ेंगे कोरोना से जंग
  • दूसरी लहर के बाद धमदाहा अनुमंडलीय अस्पताल में बनाया गया था ऑक्सीजन प्लांट

कोरोना संक्रमण के दूसरी लहर की भयावहता अभी भी लोगों के जेहन में बनी हुई है। ऑक्सीजन सिलेंडर की मारामारी और अस्पताल में बेड के लिए भटकते लोगों के चेहरे लोग भूले भी नहीं कि कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की शुरुआत हो गई। तीसरी लहर में भी जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। संक्रमित मरीजों की संख्या 500 के पार पहुंच चुकी है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के द्वारा लगातार दावा किया जा रहा है कि संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए सभी व्यवस्था दुरुस्त है। जिले में मेडिकल कॉलेज अस्पताल के साथ-साथ बनमनखी और धमदाहा अनुमंडलीय अस्पताल में कोविड केयर सेंटर बन कर तैयार है। इसमें धमदाहा अनुमंडलीय अस्पताल में 40 बेड का कोविड केयर सेंटर भी तैयार है, जो ऑक्सीजन की सुविधा से लैस है। जमीनी हकीकत इससे अलग ही है। धमदाहा अनुमंडलीय अस्पताल में बेड लगाकर कोविड केयर सेंटर तो तैयार कर लिया गया है, लेकिन ऑपरेटर और डीजी सेट के अभाव में अनुमंडलीय अस्पताल में बने नव निर्मित ऑक्सीजन प्लांट पर ताला लटका हुआ है। अस्पताल प्रबंधन ऑपरेटर और डीजी सेट का बहाना बना कर अपना पल्ला झाड़ने में जुटी है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि ऑपरेटर और डीजी सेट को लेकर वरीय अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई है। डीजी सेट और ऑपरेटर मिलने के बाद ऑक्सीजन प्लांट चालू हो जाएगा। हालांकि अभी धमदाहा अनुमंडलीय अस्पताल में बने कोविड केयर सेंटर में इलाज के लिए एक भी मरीज भर्ती नहीं हुए हैं। सबसे बड़ा सवाल है कि अगर संक्रमण की तीसरी लहर में दूसरी लहर जैसी आपात स्थिति होने पर किस तरह से मरीजों तक ऑक्सीजन प्लांट की सुविधा मिलेगी।

उद‌्घाटन के छह माह बाद भी नहीं हो सका चालू
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत के बाद जिले में मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अलावा धमदाहा और बनमनखी के अनुमंडलीय अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण किया गया था। उच्च क्षमता वाले आक्सीजन उत्पादन संयंत्र की क्षमता एक मिनट में 200 लीटर ऑक्सीजन तैयार करने की है। साथ ही 50 बेडों पर निर्बाध ऑक्सीजन की आपूर्ति 24 घंटों तक की जा सकती है। प्लांट बनने के बाद बीते साल अगस्त महीने में ही इस प्लांट का विधिवत उद्घाटन भी हुआ। प्लांट का उद्घाटन सीएम नीतीश कुमार के साथ-साथ खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की मंत्री लेशी सिंह ने भी किया था। उद्घाटन के 6 महीने बाद भी न तो प्लांट में डीजी सेट की व्यवस्था हुई है और न ऑपरेटर की बहाली।

धमदाहा अनुमंडलीय अस्पताल में बना कोविड केयर सेंटर।
धमदाहा अनुमंडलीय अस्पताल में बना कोविड केयर सेंटर।

दो कर्मियों को दिया गया देखभाल का जिम्मा
धमदाहा अनुमंडलीय अस्पताल की अस्पताल प्रबंधक सलीमा खातून बताती है कि अनुमंडलीय अस्पताल में बने ऑक्सीजन प्लांट के लिए अभी तक कोई ऑपरेटर बहाल नहीं हुआ है। अस्पताल के दो कर्मी जीएनएम रवि कुमार और फेसिलिटेटर परमजीत कुमार को प्लांट का बेसिक नॉलेज देते हुए देखभाल का जिम्मा दिया गया है, जिन्हें सिर्फ प्लांट को ऑफ और ऑन ही करना आता। सलीमा बताती हैं कि प्लांट के संचालन के लिए एक्सपर्ट की जरूरत है। इसको लेकर विभाग को लिखा भी गया है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।
ऑपरेटर की नियुक्ति के बाद लगेगा डीजी सेट
^अनुमंडलीय अस्पताल में ऑपरेटर की बहाली नहीं हुई है। विभाग को ऑपरेटर के लिए लिखा गया है। विभाग के द्वारा ऑपरेटर की ट्रेनिंग के बाद नियुक्ति होनी है। इसके बाद विभाग डीजी सेट लगाएगा।
डॉ. जेपी पांडेय, प्रभारी, अनुमंडलीय अस्पताल धमदाहा

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