अगलगी:एलपीजी गैस गोदाम से डेढ़ सौ मीटर आगे बॉर्डर रोड बना रही कंपनी के हॉट मिक्स प्लांट में लगी आग, कई मशीनें जली

दिघलबैंक9 दिन पहले
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सड़क निर्माण कंपनी के हॉट मिक्स प्लांट में लगी भीषण आग बुझाते दमकलकर्मी। - Dainik Bhaskar
सड़क निर्माण कंपनी के हॉट मिक्स प्लांट में लगी भीषण आग बुझाते दमकलकर्मी।
  • हरुवाडांगा-धनतोला रोड स्थित सावित्री गैस गोदाम के आगे की घटना, सवा दो घंटे में पाई गई आग पर काबू
  • तीन थानों की फायर ब्रिगेड गाड़ियां पहुंचकर आग पर पाई काबू
  • जानमाल का नुकसान नहीं होने से राहत आग लगने के कारणों का नहीं चला पता

इंडो-नेपाल बोर्डर रोड का निर्माण कर रही कंपनी के हरुवाडांगा-धनतोला रोड स्थित सावित्री गैस गोदाम के आगे स्थित हॉट मिक्स प्लांट में गुरुवार की शाम भीषण आग लग गई। केमिकल लदे वाहन में लगी आग इतनी भयावह हुई कि वाहन के चालक, खलासी सहित प्लांट के कर्मी भी जान बचाने के लिए वहां से निकल भागे। आग की लपटें देख स्थानीय लोगों के बीच भी अफरातफरी का माहौल हो गया, क्योंकि इस प्लांट से महज डेढ़ सौ मीटर पीछे ही एलपीजी का गोदाम है। सूचना पर तत्काल दिघलबैंक पुलिस फायर ब्रिगेड वाहन के साथ पहुंची। आसपास के अन्य थानों से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाई गई लेकिन पूरा केमिकल जलकर खत्म हो जाने के बाद ही आग शांत हुई। इस दौरान पुलिस व फायर ब्रिगेडकर्मी आग पर काबू पाने का भरसक प्रयास करते रहे। शाम चार बजे लगी आग जिस पर करीब सवा छह बजे काबू पाया जा सका। स्थानीय लोगों ने बताया कि प्लांट में गुरुवार की सुबह ही बिटूमिन (चारकोल) लदा वाहन आया था। प्लांट के जिस हिस्से में कंकड़ को गर्म करने की प्रक्रिया होती है उसी एलडीओ टैंक से आग भड़क गया और बाहर केमिकल लदे वाहन तक पहुंच कर विकराल हो गया। वहां मौजूद कर्मी तो जान बचाकर भागे पर पीछे गैस गोदाम के कर्मियों सहित स्थानीय लोग किसी अनिष्ट की आशंका से सहम उठे। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस | घटना की सूचना मिलते ही दिघलबैंक थानाध्यक्ष सुनील कुमार फायर ब्रिगेड दस्ते के साथ मौके पर पहुंची। बाद में सीओ अबु नसर भी पहुंचे। आग की लपटें इतनी तेज थी कि फायर ब्रिगेड का पानी आग तक नहीं पहुंच पा रहा था। आसपास के अन्य थानों से भी फायर ब्रिगेड के वाहन बुलाए गए। गंधर्वडांगा, जियापोखर थाना नजदीक होने के कारण वहां से फायर ब्रिगेड दस्ता तत्काल पहुंच गया। पुलिस ने प्राथमिकता के तौर पर पहले लोगों को आग तक जाने से रोकने का प्रयास शुरू किया उसके बाद आगे की कार्रवाई की।

छोटे फायर ब्रिगेड की गाड़ियों में बार बार आग बुझाने के लिए भरता रहा पानी
थानों के पास जो फायर ब्रिगेड वाहन हैं वो छोटे हैं एवं इनकी क्षमता भी कम है। इन वाहनों का पानी बार-बार खत्म होता रहा। बारी-बारी से वाहनों में फिर पानी भर कर लाया जाता रहा और आग को बुझाने की मशक्कत पुलिस करती रही। आग बुझाने के लिए आठ से दस बार इन वाहनों में पानी भरकर लाया गया। तब तक मौके से करीब 50 किलोमीटर दूर किशनगंज से भी बड़े वाहनों के साथ फायर ब्रिगेड का दस्ता पहुंचा। इधर, आग के लपटों के बीच केमिकल खत्म होने लगा था और आग भी धीरे धीरे कम होने लगी थी। लगभग सवा दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। अग्निकांड में कितने का नुकसान हुआ है इसका आकलन किया जा रहा है।
जानमाल का नहीं हुआ नुकसान : सीओ
दिघलबैंक के सीओ अबु नसर ने बताया कि प्लांट में आग लगी थी। इसमें जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। आगे जांच की जा रही है।

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