हाथियों का आतंक:हाथीडुब्बा में हाथियों ने 48 घंटे जमाए रखा डेरा

दिघलबैंक8 महीने पहले
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  • वन विभाग द्वारा हाथियों को वापस नेपाल भेजने की तरकीब काम नहीं कर रही, एक घर भी तोड़ा

गत शनिवार की रात से सीमावर्ती क्षेत्र के हाथीडुब्बा-नयाबाड़ी गांव के समीप मक्का खेतों में हाथियों का झुंड डेरा जमाए हुए है। 48 घंटे से अधिक समय तक गांव के बीच खेतों में हाथियों का झुंड डेरा जमाए रहने के बाद भी वन विभाग द्वारा हाथियों को वापस नेपाल भेजने की तरकीब काम नहीं कर रही हैं। रविवार की देर शाम वन कर्मियों के घंटों प्रयास के बाद भी हाथियों के झुंड को वापस नेपाल नहीं भेज पाया। लोगों ने बताया कि हाथियों को वापस नेपाल की और भेजने के लिए रविवार शाम ढलते ही देर रात तक वनकर्मियों द्वारा हुक्का जलाकर, पटाखा फोड़कर ड्राइव करने का प्रयास किया पर हाथियों का झुंड एक जगह से दूसरे जगह के मक्का खेतों में विचरण करता रहा। इस दौरान हाथियों ने मुलाबारी गांव निवासी हीरा लाल मंडल के कच्चे घर को पूरी तरफ से घ्वस्त कर डाला। सोमवार की सुबह वापस उसी जगह पर हाथियों की झुंड को ग्रामीणों द्वारा देखा गया। दुर्गा मंदिर टोला धनतोला हाट निवासी वार्ड सदस्य हरि प्रसाद साह ने बताया कि शनिवार रात से सात हाथियों का झुंड हाथीडुब्बा, नयाबाड़ी बाध के मक्का खेतों में जमे हुए हैं। हाथियों के झुंड ने बाजारू लाल सिंह,भीम प्रसाद सिंह,कुपित नारायण सिंह सहित अन्य किसानों के मक्का फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया।

शाम ढलते ही हाथियों का झुंड खेतों में निकलता है
किसान रामानंद रॉय, बच्चा मिया, मदन मोहन सिंह ने बताया कि हाथियों का झुंड दिन के समय एक जगह पर डेरा जमाए रहता है। शाम ढलते ही एक बार फिर झुंड में इधर उधर खेतों में भोजन की तलाश में निकला है। इसी दरमियान सामने पड़ने वाले कच्चे घरों को नुकसान पहुंचा कर घरों में रखें धान, चावल को खा जाता है। लोगों ने बताया कि यह सिलसिला इस वर्ष पिछले दो महीने से चल रहा है। इससे लोगों की रात की नींद गायब हो गयी है। बतातें चलें कि इलाकें में बड़े पैमाने पर मक्के की खेती होने और दूर-दूर तक मक्के की खेत जंगल का रूप होने पर हाथियों के झुंड कब कहा निकल आये।

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