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परेशानी:पलसा, बलवाडांगी, डाकूपाड़ा गांव के लोगों के लिए बरसात में नाव ही सहारा, दुर्घटना की रहती है आशंका

दिघलबैंकएक महीने पहले
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प्रखंड क्षेत्र सहित नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। कनकई नदी का जलस्तर बढ़ने ही सिंघीमारी पंचायत के नदी पार के सीमावर्ती आधे दर्जन गांव की एक बड़ी आबादी नाव के सहारे टिकी हुई है। नदी पार के पलसा, डाकूपाड़ा, बैधनाथ पलसा, बलवाडांगी, डाकूपाड़ा, मंदिरटोला और आदिवासी टोला गांव के करीब तीन हजार की आबादी एक ओर कनकई नदी और दूसरी तरफ भारत नेपाल सीमा से घीरे होने से लोगों का सीधा संपर्क टूटा हुआ है। इन गावों के लोगों को बाहर निकलने के लिए बारिश में छह महीने नाव और सुखाड़ में छह महीने चचरी पुल एक मात्र सहारा रहती है।

करीब तीन हजार की आबादी प्रखंड मुख्यालय सहित, स्वास्थ्य केंद्र सहित रोजमर्रा की जरूरत के समानों की खरीदारी के लिए हाट बाजार जाने के लिए कनकई धार में घंटों नाव का इंतजार कर खुद को जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे ही नदी पार करना मजबूरी बनी हुई है। नदी पार के राज नारायण सिंह, मदन मोहन सिंह, मनोहर सिंह आदि बताते हैं कि नदी जब उफान में होती है तो घंटों नाव खुलने का इंतजार करना पड़ता है। जिसके बाद नदी पार करते हुए अपने जरूरत के सामानों की खरीददारी के लिए सिंघीमारी, हरूवाडांगा या दिघलबैंक बाजार जाना मजबूरी बनी रहती है। लोगों की मानें तो पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश से गांव के सड़कों में पानी भर जानें लोगों को काफी परेशानी हो रही है।

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