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परेशानी:मोहामारी चौक के समीप सड़क का निर्माण कार्य अधर में, हल्की बारिश से हो जाता है जलजमाव

दिघलबैंकएक महीने पहले
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सड़क पर बने गड्‌ढे की मरम्मती की मांग करते ग्रामीण। - Dainik Bhaskar
सड़क पर बने गड्‌ढे की मरम्मती की मांग करते ग्रामीण।
  • लापरवाही सड़क के बीचोबीच बने गड्ढे से आए दिन फंसते हैं वाहन, आवागमन में लोगों को भी होती है परेशानी

सीमावर्ती क्षेत्रों से होकर बन रहे भारत-नेपाल सीमा सड़क का कार्य लंबे समय से अधर में होने से कई जगहों पर लोगों को खासी परेशानियों से होकर गुजरना पड़ रहा है। धनतोला के मोहामारी हाट के समीप सड़क का कार्य पूरा नहीं होने से यहां सड़क गड्ढों में तब्दील हो गया है। हल्की सी बारिश के बाद ही जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गयी है। इस कारण यहां आए दिन वाहन फंसने से लोग परेशान हैं। स्थानीय ग्रामीण दिनेश यादव, ठाकुर प्रसाद सिंह,महेन्द्र यादव, बिनोद साह, पवन यादव, दया साह, रामकांत यादव, सहदेव गणेश, हरि बहादुर गणेश, संजय यादव, अजय यादव, मायावती, गंगा देवी, बीबी नसीमा पर्वत लाल सिंह आदि लोगों ने सड़क पर जलजमाव की समस्या बाबत बताते है कि बेरबन्ना से मोहामारी चौक के समीप तक सड़क निर्माण का कार्य पूरा हो गया है जबकि चौक से थोड़ी दूर आगे कजला गांव की और जाने वाली निर्माणाधीन भारत नेपाल सीमा सड़क का काम लगभग पूरा हो गया है। मोहामारी चौक के समीप थोड़ी ही दूर सड़क का काम बाकी होने से यहां 4 से 5 फीट गड्ढा बना हुआ है। थोड़ी सी बारिश हुए नहीं कि घुटने भर तक पानी जमा हो जाता है। गांव के लोगों को पंचायत भवन जाने के लिए दूसरे रास्ते से होकर जाना पड़ता है। लोगों ने कहा कि वर्तमान समय पर सभी लोग कोरोना महामारी से बचने के लिए घरों के आसपास साफ सफाई पर ध्यान दे रहें हैं। वह यहां पर सड़क के बीचोंबीच हमेशा पानी जमा रहने से पूरी गंदगी फैल गयी है। लोग गंदगी से फैलने वाली बीमारी से डर रहें हैं। लोगों ने कहा कि जब मोहामारी हाट के दोनों छोड़ पर सड़क निर्माण का कार्य चल रहा था। तभी ग्रामीणों ने निर्माण कंपनी को सड़क पर बनें गड्ढों में मिट्टी गिट्टी डालने को कहा गया था। पर निर्माण कंपनी के लोगों ने किसी ने एक न सुनी। सड़क पर गड्ढे बने रहने से बारिश के बाद से जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन का ध्यान दिलाते हुए तत्काल गड्ढों की मरम्मती की मांग कर रहें हैं।

जानलेवा एनएच 327 ई पर गुआबाड़ी पुल के एप्रोच में बना गड्‌ढा

बहादुरगंज| नेशनल हाइवे 327 ई पर गुआबाड़ी पुल के पूर्वी छोर पर बना गड्डा जानलेवा बन गया है। निर्माण कंपनी द्वारा गुणवत्ता पूर्ण निर्माण के अभाव में अब तक आधे दर्जन से अधिक बार इस जगह पर मरम्मती करायी गयी है। बावजूद विभाग के लिये नासूर बने गड्डे से राहगीरों को मुक्ति नहीं मिल रही है। पुल के पूर्वी छोर पर बना गड्डा धीरे-धीरे बढ़ता ही जा रहा है जो जान लेवा सिद्ध हो रहा है। गड्डा ऐसी जगह पर है जहां तेज रफ्तार से आ रहे वाहन चालकों की नजर नहीं पड़ती है और अचानक ही गड्डे में गिर जाती है। खतरनाक गड्डे से किसी बड़ी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता है। मालूम हो बीते दिनों इसी गड्डे के कारण कई बार लोग दुर्घटनाग्रस्त भी हुए हैं।जानकारी के अनुसार लगभग चार साल पूर्व सिंह कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा एनएच 327 ई का निर्माण कार्य किया गया था। जिसमें गुणवत्ता को नजर अंदाज किया गया है। निर्माण के कुछ ही दिनों में सड़क का कालीकरण कई जगह टूट गया जिसकी मरम्मती के बाद भी टूटने का सिलसिला जारी है।

एनएच 327 ई पर गुआबाड़ी पुल के एप्रोच में बना गड्ढा।
एनएच 327 ई पर गुआबाड़ी पुल के एप्रोच में बना गड्ढा।

नदियों के घटते-बढ़ते जलस्तर से लोग भयभीत

टेढ़ागाछ| लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों के बढ़ते घटते जलस्तर से कटाव का प्रकोप बढ़ गया है। इससे नदी किनारे बसे लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। बताते चलें कि टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत हवाकोल पंचायत के लगभग आधा दर्जन गांव रेतुआ नदी के किनारे पर बसा हुआ है। जब नदी का जलस्तर बढ़ता है तो गांव में नदी का पानी घुस जाता है अौर जब जलस्तर घटता है तो नदी कटाव का डर ग्रामीणों को सताने लगता है। इस समय हवाकोल,खजूरबाड़ी, गढ़ीटोला, दर्जनटोला,लोधाबाड़ी,हाथीलद्दा, फुलबड़िया, कोठीटोला,देवरी आदिवासी टोला, बभनगांवा तथा सुहिया गांव एवं राजस्व हाट के समीप रेतुआ नदी में हो रहे कटाव को लेकर ग्रामीण काफी भयभीत रहते हैं। स्थानीय ग्रामीण नीर लाल मंडल, महेंद्र प्रसाद मंडल, अनिरुद्ध प्रसाद गिरी, कृष्ण प्रसाद मंडल, मनोज कुमार मंडल, अनिल कुमार मंडल, आनंदी पासवान, मो. नईमउद्दीन, सीताराम मंडल, विनोद मंडल, खलील अंसारी, भोला शर्मा, अतीक अंसारी, लक्ष्मण शर्मा, तमीजुद्दीन, सत्यनारायण पासवान, योगी सहनी,गोपाल साह आदि ने बताया कि कटाव की ऐसी ही स्थिति रही तो कई लोगों का घर रेतुआ नदी में समा जाएगा। बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने घटने से कटाव का प्रकोप जारी है।

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