त्योहार:उत्साहपूर्वक मना भैया दूज पर्व

फलका24 दिन पहले
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भैया दूज के मौके पर भाई की पूजा करतीं बहन। - Dainik Bhaskar
भैया दूज के मौके पर भाई की पूजा करतीं बहन।
  • दीपावली के बाद बहनों ने भाई के लंबी आयु की ईश्वर से की प्रार्थना

दीपावली के बाद भाई- बहन की पवित्र रिश्ते को मनाने के उद्देश्य भैया दूज का त्योहार प्रखंड क्षेत्र के फलका, पोठिया, रहटा, मोरसंडा, पीरमोकाम, हथवाड़ा सहित विभिन्न गांव में मनाया गया। भैया दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है। इस पूजा में भाई की हथेली पर बहने चावल का घोल लगाती है। इस दिन अपने भाई के सिर पर तिलक लगाकर उनकी आरती उतारी। पंडित बिरेंद्र झा ने बताया कि भगवान सूर्य नारायण की पत्नी का नाम छाया था। उनकी कोख से यमराज तथा यमुना का जन्म हुआ था। यमुना यमराज से बड़ा स्नेह करती थी। वह उससे बराबर निवेदन करती कि इष्ट मित्रों सहित उसके घर आकर भोजन करो। अपने कार्य में व्यस्त यमराज बात को टालता रहा। कार्तिक शुक्ला का दिन आया।

भाई की रक्षा के लिए भैया दूज की है परंपरा

आजमनगर | भाई की रक्षा और दीर्घायु के लिए मनाया जाने वाला भैया दूज का त्योहार प्रखंड क्षेत्र में काफी धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर बहनें भइयों के दीर्घायु होने की कामना की। उनके लिए अन्नकूट कर बजरी खिलाई, तिलक लगाई तथा भाई भी बहनों की रक्षा का संकल्प लिया। महिलाएं सामूहिक रूप से अन्नकूट कर मंगलगीत गाई। साथ ही पंडिताइन जी से कथा सुनी और दक्षिणा दान किया। ऐसी मान्यता है कि जो भाई इस दिन अपनी बहन से स्नेह और प्रसन्नता से मिलता है। उसके घर भोजन करता है। इससे यम के भय से मुक्ति मिलती है।

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