नवरात्र:शारदीय नवरात्र को लेकर कलश स्थापना आज, डोली पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा

फारबिसगंज15 दिन पहलेलेखक: रूपेश कुमार
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आस्था एवं श्रद्धा का प्रतीक मां दुर्गा की नौ दिवसीय पूजा-अर्चना आज से शुरू हो रही है। इसके लिए श्रद्धालु दो दिन पूर्व से ही तैयारी में लगे थे। पूजा-अर्चना के लिए जगह-जगह मंदिरों में प्रतिमा निर्माण के साथ पूजा पंडाल की तैयारी भी शुरू हो चुकी है। हालांकि पूजा में कोरोना गाइडलाइन के साथ सरकार की दिशा निर्देशों से लोगों को जागरूक करने की प्रक्रिया शुरू नही की गई है, लेकिन पूजा कमेटियों ने कोरोना गाइड लाइन को पालन करने के लिए गंभीर नजर आ रहे हैं।

गोदना ठाकुरबाड़ी में पहले दिन ही खुल जाता है पट
फारबिसगंज के एलएन पथ स्थित गोदना ठाकुरबाड़ी मंदिर में भक्तों की विशेष आस्था बनी हुई है। यहां कलश स्थापन से ही मां का पट खुल जाता है। जहां बुधवार को पंडित भूलन बाबा ने माता को आमंत्रित कर पहले पूजा के लिए आने का न्योता दिया। मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है। जहां लोगों में आस्था है की गोदना ठाकुरबाड़ी के मंदिर में माता की पूजन से भक्तों की मन्नते मां दुर्गा शीघ्र ही पूरा करती हैं।

नवरात्र के प्रथम पूजा से ही मंदिर में मूर्ति पूजा आरंभ हो जाती है एवं भक्तों के लिए माता का पट खुल जाता है। वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि विधान के साथ मंदिर में प्रथम पूजा से ही सुबह माता की पुष्पांजलि होती है। इस बार नवरात्र पर मइया डोली पर पर सवार होकर आएंगी, जबकि नवरात्र समाप्त होने के बाद हाथी पर सवार होकर जाएंगी।

किस रूप का कब होगा पूजा

  • पहले दिन 7 को शैलपुत्री
  • दूसरे दिन 8 को ब्रह्मचारिणी
  • तीसरे दिन 9 को चंद्रघंटा
  • चौथे दिन 10 को कुष्मांडा
  • पांचवें दिन 11 को स्कंदमाता और कात्यायनी
  • छठे दिन 12 को कालरात्रि
  • सातवें दिन 13 को महागौरी
  • अंतिम दिन 14 को सिद्धिदात्री की पूजा

कलश स्थापन का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 17 मिनट से 7 बजकर 7 मिनट तक
इस साल दो तिथियां एक साथ पड़ने की वजह से नवरात्रि आठ दिन की है। दुर्गा मां का ये पवित्र पर्व 14 अक्टूबर को महानवमी को समाप्त होगी। पंडित भूलन बाबा ने बताया कि स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 17 मिनट से 7 बजकर 7 मिनट तक है। कलश स्थापित करना फलदायी रहेगा।

पंडालों के बाहर दिखेंगे रौद रूप में शिव
इधर मां दुर्गा की प्रतिमाएं पंडालों की ओर रवाना होने लगी। गुरुवार से आरंभ हो रहे नवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जहां श्रद्धालु भक्त दुर्गा पूजा पंडाल को व्यवस्थित करने के बाद गुरुवार को मूर्ति लेकर पंडालों में पहुंचे। जहां माता की प्रतिमा स्थापना कर नौ दिन तक उपासना की जाएगी। शहर में डेढ़ दर्जनों स्थानों पर पूजा पंडाल बनाया जा रहा है। जहां छुआ पट्टी पूजा समिति का गगन चुम्बी पंडाल, सुल्तान पोखर पूजा समिति में पंडाल के बाहर शंकर भगवान का रौद्र रूप बड़ा शिवालय पूजा समिति का कला संस्कृति एवं काली मंदिर पूजा समिति का बांग्ला पद्धति से पूजा अर्चना खास व आकर्षण का केंद्र बना रहेगा। इधर एसडीएम सुरेंद्र कुमार अलबेला ने कोरोना गाइडलाइंस के तहत की पूजा पंडाल के साथ डीजे पर प्रतिबंध का निर्देश दिया है।

पूजा पंडालों में टीकाकरण संबंधी प्रचार सामग्री का होगा प्रदर्शन
कोरोना टीकाकरण संबंधी मामलों में तेजी लाने के उद्देश्य से पर्व-त्यौहार के दौरान लोगों को टीकाकरण के लिये प्रेरित करने के लिये हर स्तर पर जरूरी प्रयास किये जायेंगे। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव ने त्यौहार के दौरान बाहरी राज्यों से घर लौटने वाले शत-प्रतिशत लोगों की कोरोना जांच सुनिश्चित कराने का आदेश दिया है। साथ ही दुर्गा पूजा के दौरान सभी पूजा पंडालों में अनिवार्य रूप से टीकाकरण को बढ़ावा देने से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री के सार्वजनिक प्रदर्शन का निर्देश दिया गया है।

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