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संवेदनहीनता:पत्नी का शव छोड़ भागे पति, उनका भी निधन कोरोना के डर से दाह-संस्कार तक नहीं किया

फारबिसगंजएक महीने पहले
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प्रशासनिक पहल पर मुखिया ने कराया कमल राम का अंतिम संस्कार  पत्नी की मौत के बाद सीपीआई नेता अपने पहली पत्नी के पास भगकोहलिया चला गया था।  और वहां पत्नी के मौत के गम में उनकी भी बुधवार को मौत हो गयी। सीपीआई नेता का भी अंतिम संस्कार प्रशासनिक पहल पर स्थानीय मुखिया और लोगों ने किया। - Dainik Bhaskar
प्रशासनिक पहल पर मुखिया ने कराया कमल राम का अंतिम संस्कार पत्नी की मौत के बाद सीपीआई नेता अपने पहली पत्नी के पास भगकोहलिया चला गया था। और वहां पत्नी के मौत के गम में उनकी भी बुधवार को मौत हो गयी। सीपीआई नेता का भी अंतिम संस्कार प्रशासनिक पहल पर स्थानीय मुखिया और लोगों ने किया।
  • सीपीआई के प्रभारी अंचल मंत्री थे मृतक कमल राम, प्रशासनिक पहल पर हुआ अंतिम संस्कार
  • परिजनों के अनुसार पति-पत्नी में थे कोरोना के लक्षण, नहीं कराई जांच

फारबिसगंज जुम्मन चौक के समीप रहने वाले सीपीआई नेता कमल राम की दूसरी पत्नी का मंगलवार को निधन हो गया। आसपास के लोग कोरोना से मौत होने के संदेह में अंतिम संस्कार के लिए आगे नहीं आए। यह देखकर सीपीआई नेता भी अपनी पत्नी के शव को छोड़कर गांव भागकोहलिया चले गए। जहां बुधवार को उनका भी निधन हो गया। हालांकि, पति-पत्नी ने कोरोना का टेस्ट नहीं कराया था। लेकिन परिजनों का कहना है कि दोनों में कोरोना पॉजिटिव होने के सभी लक्षण दिख रहे थे। क्योंकि दोनों पति-पत्नी प्रखंड के अमहारा में किसी झोला छाप चिकित्सक से सर्दी-खांसी और बुखार के साथ दम फूलने का इलाज करा रहे थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों को कोरोना पॉजिटिव समझकर वे लोग अंतिम संस्कार के लिए आगे नहीं आए। पत्नी की मौत के बाद सीपीआई नेता अपनी पहली पत्नी के पासभागकोहलिया चले गए थे और वहां उनकी भी बुधवार को निधन हो गया। कमल राम का भी अंतिम संस्कार प्रशासनिक पहल पर स्थानीय मुखिया और लोगों ने किया। दरअसल जब दो दिनों तक शव नहीं उठ पाया तो जुम्मन चौक से दूर मेला रोड में रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता डिम्पल चौधरी को इसकी जानकारी मिली। जिसके बाद उन्होंने फारबिसगंज थाना सहित नगर परिषद और अस्पताल प्रबंधन को पूरे वाकये की जानकारी दिए। जिसके बाद नगर परिषद प्रशासन ने पहल करते हुए जेसीबी मशीन से शव को उठाकर स्थानीय शमशान में दफनाया गया। बहरहाल पति-पत्नी के सम्भावित कोविड के कारण हुई मौत को लेकर चर्चा है।

बेटियों ने लगाई दाह-संस्कार की गुहार, कोई नहीं आए आगे
फारबिसगंज के जुम्मन चौक निवासी एवं सीपीआई नेता कमल कुमार राम की पत्नी राधा देवी कोरोना से संक्रमित थी या नहीं यह तो जांच के बाद ही पता चलता जो नहीं कराई गई। लेकिन इसके बाद की स्थिति रोंगटे खड़े करने वाले रहा। राधा देवी के पति सीपीआई नेता कमल कुमार राम भी पत्नी के शव का अंतिम संस्कार कर पाने की स्थिति में नहीं थे। घर में कमल की चार बेटियां और एक छोटा सा बेटा है। बेटियों ने सामाजिक स्तर पर मां के अंतिम संस्कार के लिए गुहार भी लगाई लेकिन सफलता नहीं मिलने पर यूं ही शव को घर में पड़े रहने दिया। इस बीच दो दिनों से शव के घर में पड़े रहने के कारण दुर्गंध होने पर पुलिस और प्रशासन को इसकी जानकारी दी गयी। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने जेसीबी मशीन के साथ कर्मचारियों को भेज कर शव को उठवाया और अंतिम संस्कार करवाया। नगर परिषद के कर्मचारी पीपीई कीट पहनकर शव को किसी तरह उठाया।

नप के ईओ ने कहा-सूचना मिलने पर कर्मियों को भेजकर कराया दाह-संस्कार
सीओ संजीव कुमार ने बताया कि कमल राम की मौत की सूचना पर राजस्व कर्मचारी को भाग कोहलिया भेजा गया। मुखिया के सहयोग से उनका अंतिम संस्कार कराया। जबकि नगर परिषद के ईओ जय राम प्रसाद का कहना है कि जैसे ही उन्हें घर में शव होने की सूचना मिली वैसे ही कर्मियों के साथ पहुंचकर शव का अंतिम संस्कार कराया गया।

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