खुले स्कूल:124 दिन बाद खुले स्कूल, पहले दिन 15 से 20 प्रतिशत रही उपस्थिति

रूपेश कुमार | फारबिसगंज3 महीने पहले
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स्कूल खुलने के बाद क्लास करने पहुंची छात्रा। - Dainik Bhaskar
स्कूल खुलने के बाद क्लास करने पहुंची छात्रा।
  • कोरोना से बंद पड़े स्कूलों में लौटी रौनक, कई महीने के बाद स्कूल पहुंचे बच्चे,एक दूसरे से बनाई रखी दूरियां
  • शिक्षा विभाग ने कोरोना से बचाव को विभागीय निर्देशों के अनुसार शिक्षण कार्य संचालित करने का विद्यालय प्रधान को दिया निर्देश

कोविड-19 के चलते महीनों से बंद पड़े स्कूल 124 वें दिन शनिवार को खुलने से सरकारी एवं प्राइवेट स्कूलों में एक बार फिर से रौनक लौट आई। जहां कई महीनों के बाद स्कूल पहुंचे बच्चे खुश नजर आए, तो दूसरी तरफ शिक्षक-शिक्षिकाएं भी काफी उत्साहित दिखाई दी। हालांकि कक्षा 9 से 10 वीं तक के बच्चों की पहले दिन उपस्थिति करीब 15 से 20 प्रतिशत तक रही। जहां ली अकादमी हाई स्कूल में 9 वीं एवं 10 वीं में कुल नामांकित 1248 बच्चों में 125 बच्चे उपस्थित तो भगवती देवी गोयल में नामांकित 450 बच्चों में 45 बच्चे ही उपस्थित हो पाए।कोरोना महामारी के चलते पिछले मार्च से राज्य के सरकारी व गैर सरकारी विद्यालय बंद पड़े थे। राज्य सरकार के दिशा-निर्देश के बाद कक्षा 9 से 10 तक के खुले एवं 16 अगस्त से 1 से 8 तक प्राथमिक विद्यालय खुल जाएंगे।

स्कूल खुलने से बच्चों के साथ अभिभावकों के चेहरे खिले
सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में कक्षा 9 से 10 तक के बच्चे मास्क लगाकर अपने-अपने विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने के लिए पहुंचे। दर्जनों विद्यालय के शिक्षकों को तो बच्चों को बुलाने के लिए उनके घर पर जाना पड़ा। फिर भी छात्रों की उपस्थिति 20 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकी। शिक्षा विभाग ने कोरोना से बचाव को विभागीय निर्देशों के अनुसार शिक्षण कार्य संचालित करने का निर्देश विद्यालय प्रधान को दिया गया है। पुन: पठन-पाठन चालू से ग्रामीण इलाके के बच्चों के साथ अभिभावकों के चेहरे खिल उठे हैं। कोविड-19 पार्ट टू को लेकर फारबिसगंज के 205 निजी स्कूल व कोचिंग बंद

डेल्टा प्लस वेरियंट की सुरक्षा को ले 16 अगस्त के बाद विद्यालय खुलता तो होता बेहतर: प्राचार्य
कोविड-19 पार्ट टू को लेकर फारबिसगंज के 205 निजी व स्कूल व कोचिंग संस्थान बंद होने से 2500 शिक्षक सहित कर्मी बेरोजगार हो गए हैं। जिसमें निजी विद्यालय 125 तो कोचिंग संस्थान 80 हैं। जिससे प्राइवेट कोचिंग एवं विद्यालयों से जुड़े कर्मियों के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। निजी स्कूल एवं कोचिग संस्थान के 2500 शिक्षकों का परिवार संकट के दौर से गुजर रहा है। सनद रहे कि पिछले साल कोरोना संक्रमण को लेकर लागू लॉकडाउन के कारण सभी निजी स्कूल एवं कोचिग संस्थान बंद हो गए थे। स्कूलों के बंद रहने से स्कूल की आमदनी पूरी तरह बंद हो गई। अभी तक खालीपन लग रहा था, बच्चे मास्क लगाकर आए ली अकादमी हाई स्कूल के प्राचार्य तेज बहादुर सिंह ने कहा की कम से कम 16 अगस्त के बाद विद्यालय खुलता तो बेहतर रहता। क्योंकि डेल्टा प्लस वेरियंट की संभावना अगस्त माह में ही बतायी जा रही है। वही भगवती देवी गोयल के अमरेश कुमार दिलीप कुमार, रानी कुमारी सुजीत कुमार प्रशांत कुमार, शैलेश दत्त ठाकुर सहित अन्य ने कहा की आज शिक्षिकाओं और बच्‍चों में भी अलग तरह का उत्‍साह है। महीनों बाद स्‍कूल खुले हैं। उन्होंंने बताया कि पहले ही बच्चों और उनके अभिभावकों को बता दिया गया था कि 7 अगस्त से ही स्‍कूल खुलेंगे।

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