भय:प्रवासियों के आगमन का सिलसिला शुरू, नहीं हो रहा है कोराेना जांच

फारबिसगंज8 महीने पहले
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यात्री बस के जरिये प्रदेश से फारबिसगंज लौटे प्रवासी मजदूर । - Dainik Bhaskar
यात्री बस के जरिये प्रदेश से फारबिसगंज लौटे प्रवासी मजदूर ।
  • फारबिसगंज के डायड में बनाये गए डेडिकेटेड हेल्थ सेंटर, जांच न होने से डरे लोग
  • बस से उतरकर प्रवासी सीधे अपने गंतव्य स्थान जा रहे

महानगरों में तेजी से बढ़ रहे संक्रमण को लेकर महज कुछ महीने पहले रोजी रोटी की तलाश में गये प्रवासी मजदूरों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। अपने गृह क्षेत्र पहुंच रहे इन प्रवासियों को पहले कोविड जांच फिर क्वारेंटिंग किया जाना है। लेकिन प्रशासन इस दिशा में अब तक ठोक पहल नहीं कर पा रही है। नतीजतन प्रदेश से लौट रहे ये लोग अपने गांव की ओर रुख कर ले रहे हैं। जिससे फारबिसगंज इलाके के एक बड़े तबके के बीच संक्रमण को लेकर भय सा बन गया है। बताया जाता है कि महानगरों से आये यात्री बस देर रात फारबिसगंज पहुंचती है। जहां बस से उतरकर प्रवासी सीधे अपने गंतव्य स्थान की रुख कर लेते हैं। ऐसे में कोरोना जांच भी संभव नहीं है। बहरहाल फारबिसगंज के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के केस मिलने के बाद से प्रशासन सचेत है।

डेडीकेटेड हेल्थ सेंटर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों को रखा जाएगा
इधर शहर के बीच घनी आबादी के बीच स्थानीय जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान डाइट में अररिया के जिला पदाधिकारी प्रशांत कुमार सीएच के निर्देश पर कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए डेडीकेटेड हेल्थ सेंटर बनाया गया है। जहां उक्त सेन्टर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों को रखा जाएगा। इस बावत पीएससी प्रभारी डॉ.राजीव बसाक ने बताया की फारबिसगंज के एएनएम ट्रेनिंग कालेज एवं डायट में कोरोना पॉजिटिव मरीजों को रखा जाएगा। उन्होंने डायट में आंशिक रूप से प्रभावित मरीजों को रखे जाने की बात कही। इसके अलावा अनुमंडलीय अस्पताल परिसर स्थित एएनएम कॉलेज में गंभीर रूप से प्रभावित मरीजों को रखे जाने की जानकारी दी गई। बता दें की डायट से अनुमंडल अस्पताल की दूरी करीब एक से डेढ़ किलोमीटर है। जहां घनी आबादी के बीच डेडिकेटेड हेल्थ सेंटर बनाये जाने पर लोगों ने प्रतिक्रिया व्यक्त किया है।

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