दुर्गा पूजा:कलश स्थापना के साथ मंदिरों में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

फारबिसगंज12 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
शहर के दुर्ग मन्दिर में आरती करते पुजारी - Dainik Bhaskar
शहर के दुर्ग मन्दिर में आरती करते पुजारी
  • पूजा को लेकर जारी गाइड लइन का पालन कराने को लेकर सभी कमेटी तैयार

कलश स्थापना के साथ फारबिसगंज क्षेत्र के विभिन्न दुर्गा मंदिरों में संध्या आरती एवं पूजा के लिए महिला श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। शहर के गोदना ठाकुरबाड़ी, गोढ़ियारे चौक दुर्गा मंदिर, बंगाली टोला स्थित काली मंदिर, बड़ा शिवालय, ली एकेडमी रोड स्थित दुर्गा मंदिर, खोखा बाबू गोला, रेलवे कालोनी स्थित दुर्गा मंदिर, फुलवरिया हाट स्थित दुर्गा मंदिर, सुल्तान पोखर स्थित दुर्गा मंदिर,चौरा परवाहा मंदिर,सहित अन्य मंदिरो में समां भक्तिमय माहौल में डूब गया। महिलाओं एवं युवतियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करने हेतु शाम के समय में काफी भीड़ उमड़ी। यहां के लोगों में मां के प्रति गहरी आस्था को लेकर संध्या आरती के दौरान गांव के महिला व पुरुष सभी मां के दरबार में पहुंच कर नतमस्तक होते हैं।इधर ढाक की थाप पर श्रद्धालु झूमते नजर आने लगे है।दुर्गा पूजा के पण्डालों में भक्तों के भीड़, मां की भव्य मूर्तियां इन सबके बीच ढकियों की ढाक बजते ही पूरे महौल में भक्ति सी छा जाती है। दुर्गा पूजा ढाक एक महत्वपूर्ण साज है जिसके लिए खासतौर पर कोलकाता से ढाकिये शहर में बुलाए जाते हैं। क्योंकि मां के आने का संदेश देती है ढाक की थाप। मां की स्थापना के बाद हर प्रहर में होने वाली पूजा पर ढाक बजते हैं। खास बात यह है कि हर पण्डाल में बजने वाला यह ढाक एक रिद्म में नहीं बजता यह कई रिद्म में बजाया जाता है। इसके कलाकार बंगाल में ही मिलते हैं और दुर्गा पूजा से पहले ही शहर में इनका आना शुरू हो जाता है। नवमी पर काली बाड़ी में होने वाली प्रतियोगिता में ढाकियों की शानदार प्रस्तुति महौल को और भी खास बना देती है।

खबरें और भी हैं...