पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

विडंबना:पौरा के ग्रामीण दशकों से हैं स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित

गोगरी8 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
पौरा स्थित उपस्वास्थ्य केंद्र, जो हो गया है खंडहर मंे तब्दील। - Dainik Bhaskar
पौरा स्थित उपस्वास्थ्य केंद्र, जो हो गया है खंडहर मंे तब्दील।
  • स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण तो हुआ लेकिन बिना एक दिन संचालित हुए बन गया खंडहर
  • ग्रामीणों ने दिया अल्टीमेटम, शीघ्र सुचारू रूप से स्वास्थ्य उपकेंद्र चालू नहीं हुआ प्रदर्शन को हो जाएंगे बाध्य

प्रखंड के पौरा पंचायत स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन निर्माण के बाद से विभागीय अधिकारियों की घोर लापरवाही व जनप्रतिनिधियों की कथित उपेक्षा के कारण बिना एक दिन भी संचालित हुए खंडहर का रूप ले लिया है। स्थानीय समाजिक कार्यकर्ता सुशील बिहारी सिंह ने बताया कि आसपास की जनता को समुचित स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि समस्या को लेकर कई बार विभाग से लिखित शिकायत भी किया गया। लेकिन शिकायत के बाद कुछ पल के लिए विभाग की नींद खुली और फिर विभाग गहरी नींद में सो गई। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान भी स्वास्थ्य उपकेंद्र जस का तस पड़ा रहा। स्थानीय नीतीश कुमार, गोरख महतों, यशोधर यादव, पंकज सिंह, अजय भगत, ओमप्रकाश यादव, रवि आनंद, सुभाष चन्द्र झा, निर्धन सिंह, नीरज यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य उपकेंद्र पर आज तक चिकित्सक एवं नर्स को नहीं देखा गया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से स्वास्थ्य उपकेंद्र में चिकित्सकों एवं नर्सों की सेवा नियमित करने एवं केंद्र के लिए जीवन रक्षक दवाईयों का भंडारण एवं वितरण सुनिश्चित कराने की मांग की। स्थानीय पंसस प्रतिनिधि संजीव कुमार यादव ने बताया कि लगभग एक दशक पहले से बने इस स्वास्थ्य केंद्र भवन पर लोगों ने आज तक किसी भी डॉक्टर को ड्यूटी करते हुए नहीं देखा। साथ ही टीकाकरण के लिए पदस्थापित एएनएम कब आती है और कब जाती है, इसका भी अता पता ग्रामीणों को नहीं चला। ग्रामीणों ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर शीघ्र स्वास्थ्य उपकेंद्र में चिकित्सक व एएनएम का तैनाती कर स्वास्थ्य उपकेंद्र को सुचारू रूप से चालू नहीं किया गया तो ग्रामीण प्रखंड मुख्यालय व स्वास्थ्य केंद्र में धरना प्रदर्शन करने को बाध्य हो जाएंगे।

खबरें और भी हैं...