खेतीबाड़ी:4 माह पूर्व से 80 एकड़ के रकवे मे कद्दू की खेती करने वाले किसान छठ का करते हैं इंतजार

हसनगंजएक महीने पहले
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खेत मे कद्दू की देखभाल करते किसान। - Dainik Bhaskar
खेत मे कद्दू की देखभाल करते किसान।
  • राजवाड़ा पंचायत मे महापर्व छठ को लेकर कद्दू की खेती कर संवारते है किसान आर्थिक स्थिति

खेती तो प्रत्येक वर्ष हर सीजन में की जाती है। लेकिन कोढ़ा प्रखंड के राजवाड़ा पंचायत में किसानों को खासकर लोक आस्था के महापर्व छठ का बेसब्री से इंतजार रहता हैं। जिसका संबंध सीधे उनके किसानी से है। पंचायत क्षेत्र में किसान लोक आस्था के महापर्व छठ के भरोसे ही कद्दू की खेती वृहत पैमाने पर करते हैं। किसानों की माने तो छठ माता ही उनकी आर्थिक समृद्धि का द्वार खोलती है। इस चार दिवसीय महापर्व की शुरुवात नहाय खाय यानी कद्दू भात से ही शुरू होती है। इस दिन का करीब चार माह पूर्व से कद्दू की खेती करने वाले किसान इंतजार करते हैं। राजवाड़ा पंचायत मे महापर्व छठ को लेकर करीब 80 एकड़ के रकवे मे कद्दू की खेती की जाती है। ताकि कद्दू भात के दो तीन दिन पूर्व अपने कद्दू को तैयार कर बाजार भेज सके। इस संदर्भ में कद्दू उत्पादक किसान पप्पू सिंह,मोहन सिंह,मो मकसूद,रमेश सिंह आदि अन्य किसानों ने बताया कि छठ मे कद्दू भात खाने का नियम है। इसको लेकर बाजारों में कद्दू का काफी मांग रहता है। कीमत भी अच्छा मिलता है। महापर्व के बाद ठंडा होने के बाद कद्दू की बिक्री व कीमत कम हो जाने की वजह से इस त्यौहार पर ही पूरा दारोमदार टिका रहता है। सिर्फ राजवाड़ा पंचायत में करीब 80 एकड़ की रकवे मे कद्दू की खेती की जाती है। परंतु इस वर्ष बेमौसम बारिश की वजह से करीब 50 प्रतिशत कद्दू की खेती को नुकसान हुआ है।

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