पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

आदेश:शिक्षकों के पक्ष को सुनकर तीन माह के अंदर सरकार को लेना होगा निर्णय

जमुई12 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

कोरोना प्रभावित शिक्षकों को भी हेल्थ केयर प्रोवाइडर के तर्ज पर 50 लाख रुपये का बीमा योजना का लाभ दिए जाने से संबंधित मामले की सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को स्वास्थ्य विभाग बिहार सरकार के प्रधान सचिव को चार सप्ताह के अंदर अभ्यावेदन समर्पित करने आदेश दिया है।

मुख्य न्यायाधीश संजय करोल एवं न्यायाधीश एस कुमार की खंडपीठ के आदेश के बाद याचिकाकर्ता सह बिहार पंचायत-नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष आनंद कौशल सिंह ने स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार के प्रधान सचिव को विस्तृत अभ्यावेदन समर्पित किया। साथ ही हाईकोर्ट ने आनंद कौशल सिंह के याचिका को निष्पादित करते हुए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को तीन माह के अंदर उचित कार्रवाई करने का आदेश दिया है। बुधवार को याचिकाकर्ता सह संघ के प्रदेश अध्यक्ष आनंद कौशल सिंह ने बताया कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान विभागीय निर्देश के आलोक में स्कूली कार्य,कोरोना ड्यूटी,कोरोना जागरूकता अभियान आदि जैसे कई कार्यों का निष्पादन करते हुए सूबे के सैकड़ों शिक्षक कोरोना से संक्रमित हुए। इलाज के दौरान अथवा इलाज के पूर्व ही कई की मृत्यु हो गई। कोरोना योद्धा की तरह कार्य करते हुए इस भयंकर महामारी के चपेट में आ जाने से मरे शिक्षकों के आश्रितों पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है और बाल-बच्चे भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके हैं।

इसलिए अभ्यावेदन समर्पित कर कोरोना काल में मृत शिक्षकों के आश्रितों को बीमा योजना के तहत 50 लाख रुपया का मुआवजा, सरकारी नौकरी, विशेष पारिवारिक पेंशन आदि देने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता मृत्युंजय कुमार ने बताया कि पटना हाईकोर्ट के द्वारा निर्देश दिया गया है कि अभ्यावेदन पर विचार करते हुए तथा शिक्षकों के पक्ष को सुनकर तीन माह के अंदर युक्तियुक्त और सकारण आदेश स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव के द्वारा निर्गत किया जाय।

खबरें और भी हैं...