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कार्यक्रम:संस्कृति, संस्कार और सादगी की भाषा है हिंदी : डॉ. सुधांशु

सिमुलतला8 दिन पहले
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  • सिमुलतला आवासीय विद्यालय में हिंदी पखवाड़ा दिवस पर ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित

हिंदी संस्कृति, संस्कार और सादगी की भाषा है। इसमें देश को एक सूत्र में पिरोने की शक्ति है। यही कारण है कि इस भाषा में हमारे राष्ट्र की एकता संचरित होती है। अपनी ग्रहणशीलता, सरलता और सहजता के कारण ही संपूर्ण विश्व में तीव्रता के साथ इसका विस्तार हो रहा है। आज विश्व के लगभग देढ़ सौ विश्वविद्यालयों में हिन्दी भाषा की पढ़ाई के साथ-साथ शोधकार्य भी हो रहे हैं। ये बातें सिमुलतला आवासीय विद्यालय में मंगलवार को महाकवि राम इकबाल सिंह राकेश साहित्य परिषद के तत्वावधान में आयोजित हिन्दी पखवारा दिवस पर व्यंग्यकार डाॅ. सुधांशु कुमार ने कहीं। उन्होंने बताया कि हिन्दी के कारण ही आज भारत एक सूत्र में आबद्ध है। उपप्राचार्य सह शैक्षणिक प्रमुख सुनील कुमार ने कहा कि हिन्दी भारत के जन-गण-मन की भाषा है। आज यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि संपूर्ण विश्व में तीव्रता के साथ विस्तार पानेवाली हमारी मातृभाषा अपनी ही मातृभूमि पर उपेक्षित है। शिक्षिका कुमारी नीतू ने कहा कि आज ही के दिन 14 सितंबर 1949 को भारत की संविधान सभा ने यह निर्णय लिया कि हिन्दी इस संघ की राजभाषा होगी, लिपि देवनागरी होगी और अंकों का स्वरूप अंतरराष्ट्रीय होगा। हमारे संविधान के 17वें भाग के 343वें अनुच्छेद एक में यह उल्लेख किया गया है। कार्यक्रम को शिक्षक डा. जयंत कुमार, डा. प्रवीण कुमार सिन्हा, आरएन. पांडेय ने संबोधित किया।

शिवांगी, आनंद, प्रभात, विक्की प्रिंस और अंकुश रहे अव्वल
इस क्रम में ऑनलाइन हिन्दी प्रश्नोत्तरी स्पर्धा के परिणाम की घोषणा विद्यालय के अर्थशास्त्र के शिक्षक विनोद कुमार यादव ने की। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान शिवांगी राज, आनंदराज, प्रभात, विक्की, प्रिंस व अंकुश ने पाया तो दूसरे स्थान पर विक्रमादित्य, प्रभात, अमित व नंदिनी रही। तीसरे स्थान पाने वाले छात्र शांतनु, नीलम, स्नेह वर्तिका, राज लक्षमी, अंकुर, आदित्य, काम्याराज, रोशनी एवं सोनम हैं। हिन्दी पखबारा में हिन्दी प्रश्नोत्तरी, श्रुतिलेख, मुहावरा, अंत्याक्षरी, निबंध लेखन, आशु काव्य लेखन, भाषण प्रतियोगिता, दोहा लेखन, कहानी लेखन, आदर्श वाचन आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी ।

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