हर्ष फायरिंग का मामला:जीत की खुशी में मुखिया के समर्थकों ने की 3 राउंड हर्ष फायरिंग, वीडियो वायरल

जमुई/ सिकंदरा2 महीने पहले
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हर्ष फायरिंग करते मुखिया के सहयोगी। - Dainik Bhaskar
हर्ष फायरिंग करते मुखिया के सहयोगी।
  • नवनिर्वाचित मुखिया अंजनी कुमार मिश्र, सहयोगी ओली मियां व पटना के बिल्डर दीपक मिश्र के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी
  • थानाध्यक्ष ने आईपीसी की धारा 188 और धारा 27/30/35 के तहत दर्ज किया केस

पंचायत चुनाव के पहले चरण का परिणाम रविवार को घोषित कर दिया गया। इसके साथ ही सभी प्रत्याशियों को जीत का जश्न मनाने के लिए जुलूस तक की मनाही की गई थी। जिला प्रशासन ने सख्त निर्देश देते हुए नियमों का पालन करने की हर जनप्रतिनिधियों को हिदायत दी थी। इसके बावजूद सिकंदरा प्रखंड के सबलबीघा पंचायत के नवनिर्वाचित मुखिया अंजनी कुमार मिश्र व उनके सहयोगियों ने उसी रात कोविड-19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए जुलूस भी निकाला और एक-एक कर समर्थकों ने सबलबीघा इमामबाड़ा के पास तीन राउंड हर्ष फायरिंग भी की। लगातार गोली चलने से आस-पास के लोगों को पहले तो लगा कि मुखिया के परिणाम की घोषणा के बाद दो प्रत्याशियों के समर्थक आपस में भीड़ गए हैं। यह सोचकर आस-पास के लोग डर से अपने-अपने घर में छिप गए। लेकिन बाद में पता चला की जीत की खुशी में समर्थकों ने हर्ष फायरिंग की है तब जाकर लोगों के जान में जान आई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हाेने लगा। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस एक्शन में आई और मुखिया एवं उसके सहयोगियों के खिलाफ सरकारी आदेश का उल्लंघन करने व हर्ष फायरिंग करने के मामले में सिकंदरा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।

मुखिया के सहयोगी के निजी बॉर्डीगार्ड ने की फायरिंग
घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में एसपी प्रमोद कुमार मंडल ने संज्ञान लिया और सिकंदरा थानाध्यक्ष जितेंद्र देव दीपक को वीडियो में मौजूद लोगों की पहचान कर उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। वरीय पदाधिकारी का आदेश मिलते ही थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और आसपास के लोगों से पूछताछ की। इस दौरान थानाध्यक्ष को पता वीडियो में नवनिर्वाचित मुखिया अंजनी मिश्र के साथ उसके सहयोगी दीपक दूबे के निजी अंगरक्षक ने लाइसेंसी रायफल से एक-एक कर तीन राउंड हर्ष फायरिंग की है। इस दौरान वहां पर ओली मियां भी मौजूद था। इस मामले में थानाध्यक्ष ने मुखिया अंजनी मिश्रा, दीपक दूबे, उसके निजी अंगरक्षक एवं ओली मियां के खिलाफ थाने में धारा 188 एवं धारा 27/30/35 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई। बता दें लाइसेंसी रायफल पटना में बिल्डर का काम कर रहे दीपक दूबे का है और उसके निजी अंगरक्षक ने उस रायफल से हर्ष फायरिंग की है जो लाइसेंस के शर्तों के खिलाफ है।

क्या है भारतीय दंड संहिता की धारा-188
सिविल कोर्ट जमुई के अधिवक्ता अमित कुमार बताते हैं कि भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के अनुसार किसी भी पब्लिक सर्वेंट के द्वारा जारी किए गए आदेश को न मानना या जान-बूझ कर उस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सजा का प्रावधान दिया गया है। इसके मुताबिक, “जो कोई भी जान-बूझकर पब्लिक सर्वेंट के आदेश की अवमानना करता है उसके खिलाफ धारा 188 के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाती है। इस मामले में सजा और आर्थिक दंड दोनों का प्रावधान है। इसी प्रकार शस्त्र अधिनियम की धारा 27/30/35 के अनुसार हर्ष फायरिंग करना गैर कानूनी है इसलिए धारा 30 लगाई जाती है। इसी आलोक में प्राथमिकी हुई है।

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