कहर:डरा रहा कोरोना: 7 घंटे में 3 की मौत

जमुई6 महीने पहले
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इधर, लापरवाही: परिजनों को नहीं मिला पीपीई किट, बिना ग्लब्स व जूते के ले गए शव - Dainik Bhaskar
इधर, लापरवाही: परिजनों को नहीं मिला पीपीई किट, बिना ग्लब्स व जूते के ले गए शव
  • जिले में नहीं थम रहा मौत का सिलसिला, अब भी सचेत नहीं हुए तो पड़ेगा भारी

कोरोना का कहर जिले में लगातार जारी है। हर दिन कोरोना से लोगाें की जान जा रही है। बुधवार को महज सात घंटे के अंदर कोरोना से तीन लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही जिले में कोरोना से मरने वालों की संख्या 30 हो गई। दो संक्रमितों का पिछले चार दिन से डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर में इलाज चल रहा था तो एक व्यक्ति मंगलवार की रात गंभीर हालत में कोविड केयर सेंटर गिद्धौर में भर्ती हुआ था।

बताया जाता है कि गिद्धौर कोविड केयर सेंटर में मुंगेर जिला के बरियारपुर थानाक्षेत्र के ब्रह्मस्थान गांव निवासी 62 वर्षीय महेंद्र रजक पिछले कुछ समय से लक्ष्मीपुर में ही रह रहा था। मंगलवार की रात अचानक महेंद्र रजक को सांस लेने में परेशानी हुई और उसे बेहतर ट्रिटमेंट के लिए गिद्धौर के महुली स्थित कोविड केयर सेंटर में भर्ती कराया गया। बुधवार की सुबह करीब 6:30 बजे उनकी मौत हो गई।

मृतक के परिजनों ने यह आरोप लगाया कि उन्हें ऑक्सीजन नहीं दिया गया जिस कारण उनकी मौत हुई है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि कोविड केयर सेंटर में मरीजों के लिए किसी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ. अजिमा निशात ने बताया कि कोविड केयर सेंटर में ऑक्सीजन की भी व्यवस्था है और मरीजों का इलाज भी किया जा रहा है। परिजनों द्वारा लगाया गया आरोप बेबुनियाद है।

वहीं दूसरी ओर सदर अस्पताल के डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर में पिछले चार दिन से इलाजरत नालंदा जिला के गेरुआ निवासी 55 वर्षीय शमी अहमद की भी दोपहर 12 बजे मौत हाे गई। इसके डेढ़ घंटे बाद मननपुर के चानन गांव निवासी 55 वर्षीय किरण देवी की भी 1:30 बजे मौत हो गई। किरण का भी पिछले चार दिनों से डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर में इलाज चल रहा है।

कोरोना संक्रमण से मौत के बाद मृतक के शव को सील पैक किया जाता है। इसके साथ ही शव ले जाने वाले परिजनों को पीपीई किट, ग्लब्स और मास्क तक नहीं दिया गया। गिद्धौर के महुली स्थित कोविड केयर सेंटर में मृतक महेंद्र रजक के परिजन उसके शव लेने पहुंचे। शव को पूरी तरह से पैक कर दिया गया और परिजनों को सौंप दिया गया।

यहां स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही दिखी है। शव ले जाने के लिए जो परिजन आए वे सिर्फ मास्क पहने थे। उनके पास न तो ग्लब्स था, न तो जूता पहने थे। वे सिर्फ मास्क लगाकर शव को नंगे हाथों से पकड़कर एंबुलेंस पर लाद रहे थे। इस तरह की लापरवाही कोरोना संक्रमण को बढ़ावा दे सकता है।

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