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मौसम की मार:यास चक्रवाती तूफान की बारिश से बर्बाद हुई सब्जी की खेती नीमनवादा गांव में किसानों को हुआ ~ 50 लाख का नुकसान

जमुई19 दिन पहले
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नीमनवादा गांव में बारिश के बाद बचे नेनुआ को तोड़ते किसान। - Dainik Bhaskar
नीमनवादा गांव में बारिश के बाद बचे नेनुआ को तोड़ते किसान।
  • परदेस से आए अधिकतर लोगों ने की थी सब्जी की खेती, जब फसल तैयार हुई तो बारिश ने अरमानों पर फेर दिया पानी
  • लॉकडाउन में घर आए किसानों ने ऋण लेकर बढ़े पैमाने पर की थी सब्जी की खेती
  • जिले में अधिक बारिश होने से सब्जियों की लत मरने लगी है

जिले में चक्रवाती तूफान यास के असर के बीच हुई बारिश से सब्जी की खेती करने वाले किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। बेमौसम बारिश ने सदर प्रखंड के नीमनवादा गांव के अलावे कई गांव में सब्जी की खेती करने वाले किसानों के सामने आर्थिक समस्या उत्पन्न कर दी है। किसानों का कहना है कि लगातार हुई बारिश से बैंगन, परवल, नेनुआ, बरबट्‌टी, करेला, भिंडी, टमाटर, गोभी आदि सब्जियों को काफी नुकसान हुआ है। परवल व नेनुआ में लगे फुल व फल के नष्ट होने की पूरी संभावना है। जबकि टमाटर, करेला, गोभी, टमाटर आदि सड़ने लगे हैं। झमाझम बारिश से सब्जी के खेतों में पानी भर गए हैं। जिससे सब्जी की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। बेमौसम बारिश व आंधी से सब्जी उत्पादक खासे परेशान हैं।

फसल तैयार हुई तो किसानों पर भारी पड़ गई बारिश की मार

एक तरफ लॉकडाउन की मार झेल रहे ज्यादातर किसानों ने इस बार सब्जी लगाने का फैसला किया था। सदर प्रखंड के नीमनवादा गांव के किसान कन्हैया ठाकुर, महेश ठाकुर, गनौरी मांझी, बसंत कुमार सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि बारिश ने किसानों की आर्थिक कमर तोड़ दी। बारिश से खेतों में पानी भर गए हैं जिससे सब्जियां सड़ने लगी है। लॉकडाउन में इस बार हमलोग सब्जी की खेती करना उचित समझे थे और लगभग 100 बीघा में सब्जी की खेती गांव के किसानों ने की है। लगातार बारिश से सब्जी मंडी में सब्जी की बिक्री भी कम गई और खेत में पानी जमा होने से सब्जियां सड़ने लगी है। सड़ने के कारण किसान बहुत कम कीमत पर सब्जी बेचने को तैयार हैं। किसानों ने बताया कि जब सब्जी लगाए और फसल तैयार हो गया तब तक कुछ नहीं हुआ और आज जब सब्जी तैयार होकर बिकने के लायक हुआ तो अचानक हुई बारिश ने फसल बर्बाद कर दिया।

बारिश से खेत में ही गलने लगी सब्जी, लत भी मरा

यास तूफान की मार अब सब्जियों की कीमतों पर भी पड़ सकती है। बारिश से खेतों में लगी काफी सब्जियां बर्बाद हुई है। बारिश से सब्जियों का उत्पादन कम होने से सब्जियों के कीमत में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। सब्जी की खेती करने वाले किसान धर्मेंद्र कुमार, राकेश महतो, संजय मंडल, सीताबी मंडल, रामानंद मंडल आदि ने बताया कि बेमौसम बरसात के कारण सब्जियों की कमी काफी बढ़ जाएगी। ज्यादा बारिश होने के कारण खेत में लगी सब्जियां सड़ने लगती है ऐसे में जल जमाव वाले खेतों में पूरी की पूरी सब्जी की फसल नष्ट हो जाती है।

नीमनवादा गांव के 100 से अधिक किसानों ने की है खेती

गांव के किसानों ने कहा कि इस वर्ष नीमनवादा गांव में 100 से अधिक किसान सब्जी की खेती कर रहे हैं। लॉकडाउन के कारण सब्जी और फल के अलावे आवश्यक वस्तुओं की दुकानों के खुले रहने के कारण किसान सब्जी की खेती करने में रुचि दिखाए। छोटे-छोटे दर्जनों किसान अपने खेत में लगभग 40 से 50 हजार की पूंजी लगाकर खेती कर रहे हैं। कई बड़े किसान तो लाखों रुपये की लागत लगा सब्जी की खेती की। बारिश के बाद अब उम्मीद कम है कि किसानों को लागत का पैसा भी वापस लौट पाएगा।

झाझा में भी खेती पर पड़ा बारिश का असर, पानी भरने से सड़ने लगीं सब्जियां

झाझा| हरी सब्जियों की कम कीमत पर बिक्री और मौसम की मार से अब किसानों की कमर टूटने लगी है। जिसके कारण सब्जी उत्पादन करने वाले किसान के सामने कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो गई है। पहले कोरोना वैश्विक महामारी के कारण राज्यभर में लगाये गये लाॅकडाउन में सब्जी की बिक्री कम हो गई। अब बीते चार दिनों से यास चक्रवात के कारण मूसलाधार बारिश होने से खेत में लगे अलग अलग सब्जियों के पौधे बारिश की भेंट चढ़ गए हैं। किसान तंग आकर खेत में पड़े सब्जियों को अब मजबूरन मवेशी को खिला रहे है। झाझा प्रखंड क्षेत्र में शैर, फतेहपुर में सबसे अधिक सब्जी का उत्पादन किया जाता है। किसान केदार मंडल, प्रकाश मंडल, महादेव मंडल सहित कई किसानों ने बताया कि हमलोग बड़ी उम्मीद के साथ खेत में तरह तरह की सब्जी की खेती की परंतु बीते वर्ष की तरह इस वर्ष भी लाॅकडाउन लग जाने के कारण सब्जी की बिक्री पर काफी प्रभाव पड़ा है।

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