धर्म:रामकथा जीवन की आचार संहिता: स्वामी निवास

झाझा2 महीने पहले
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रामकथा कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालु। - Dainik Bhaskar
रामकथा कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालु।
  • दो दिवसीय रामकथा सुनने उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़, क्षेत्र का वातावरण हुआ भक्तिमय

वैष्णवी दुर्गा मंदिर बोसबगान में दो दिवसीय रामकथा का आयोजन शनिवार से शुरू हुआ। जिसका उद्घाटन कथा वाचक आध्यात्म गुरु पूज्य स्वामी निवास बाबा, आयोजनकर्ता रोहित तांती, रविन्द्र यादव, इंद्रदेव माथुरी, रंजीत कुमार, शम्भूनाथ प्रजापति, नरेश यादव, सुरेश पंडित ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान सर्वप्रथम भगवान राम की लोगों ने स्तुति की जिसके बाद रामकथा कार्यक्रम की शुरुआत की गई। कथा वाचक स्वामी ने लोगों को सबसे पहले मर्यादा पुरुषोत्तम राम को मर्यादा पुरुषोत्तम के नाम से क्यों पुकारा गया इसकी जानकारी श्रद्धालुओं को दी।

भगवान राम का जीवन संघर्षों से भरा है
स्वामी निवास बाबा ने कहा कि रामकथा हमारे जीवन की आचार संहिता है। इस कथा के जरिए हम अपने जीवन की सभी समस्याओं का समाधान ढूंढ सकते हैं। जिस प्रकार सोने की गुणवत्ता को परखने के लिए उसे भी आग पर तपाया जाता है, उसी प्रकार मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का जीवन भी संघर्षों से भरा रहा है। अतः मानव जीवन में दु:ख आने पर कभी विचलित न होना व सुख आने पर अंहकार मत करना यही रामकथा का उद्देश्य है। मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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