कोरोना महामारी:कोरोना की तीसरी लहर होने लगी बेकाबू; 7122 लोगों की जांच में 125 नए संक्रमित मिले, आंकड़ा पहुंचा 580

कटिहार10 दिन पहले
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कोरोना जांच के लिए सदर अस्पताल पहुंचे लोगों की भीड़, यही भीड़ कोरोना संक्रमण को बढ़ा रही है। - Dainik Bhaskar
कोरोना जांच के लिए सदर अस्पताल पहुंचे लोगों की भीड़, यही भीड़ कोरोना संक्रमण को बढ़ा रही है।
  • संक्रमित मरीज काे स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिए जा रहे कोरोना किट, संक्रमितों का हर 2 दिन पर जांच कर रहे डॉक्टर

जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या में अंकुश नहीं लग रहा है। गुरुवार को 125 कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए। अब जिले में कोरोना संक्रमित का आंकड़ा 580 के पार चला गया है। कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से उन्हें कोरोना किट दिया जा रहा है और होम आइसोलेशन में रहने काे कहा गया। बुधवार को आरटीपीसीआर, ट्रूनेट और रैपिड एंटीजन किट से 7122 लोगों की जांच की गई। जिसमें 125 री कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए। बता दें कि ग्रामीण इलाकों से ज्यादा शहरी क्षेत्र में कोरोना संक्रमित मरीज पाए जा रहे हैं। कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में दिन-प्रतिदिन वृद्धि होने के बाद जिला प्रशासन की ओर से जांच का दायरा भी बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही टीकाकरण का भी कार्य जोरों पर है। ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीका लगाया जाए। इसके लिए डोर टू डोर अभियान भी चलाया जा रहा है। अब जिले में दो डोज लेने वाले लोगों के लिए बूस्टर डोज देने का शुभारंभ कर दिया गया है। बुधवार को 15 से 17 वर्ष के 3540 लोगों को पहला डोज दिया गया है। 18 से 44 वर्ष के 742 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया। इसके साथ ही 341 लोगों को बूस्टर डोज दिया गया। जिला प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी अनुसार 1 लाख 32 हजार 923 डोज स्वास्थ्य विभाग के पास है। जबकि कोरोना जांच के लिए आरटीपीसीआर कीट 82450, ट्रूनेट किट 3000 और रैपिड एंटीजन टेस्ट किट 108900 उपलब्ध है। जिले में पाए गए सभी कोरोना संक्रमित मरीजों को हर 2 दिन पर डॉक्टर के द्वारा जांच भी की जा रही है। साथ ही उन्हें कोरोना कीट भी उपलब्ध करवाया गया है। कोरोना संक्रमण को लेकर जिला प्रशासन की ओर से जिले वासियों से अपील की गई बाहर जब भी निकले मास्क लगाकर निकले और सोशल डिस्टेंस का पालन करें।

काेराेना काे लेकर बीडीओ ने मुखिया के साथ की बैठक

मनिहरी | मनिहारी प्रखंड मुख्यालय के सभागार में कोविड-19 एवं ओमिक्राॅन के तीसरे लहर से बचाने के लिए मनिहारी बीडीओ रणधीर कुमार की अध्यक्षता में प्रखंड के लगभग सभी पंचायतों के मुखिया के साथ बैठक की गई। जिसमें मुख्य रुप से पंचायत के लोगों को किस तरह से कोरोना एवं ओमिक्राॅन के कहर से बचाया जाए इस पर विस्तृत चर्चा की गई। एवं बैठक 15 से 18 वर्ष के नवयुवकों एवं 60 वर्ष के ऊपर के बुजुर्गों के टीकाकरण में और गति लाने की बातों पर जोर दिया गया। जिस पर सभी मुखिया ने अपने अपने सुझाव भी दिए। इस संबंध में बीडीओ ने कहा कि कोविड-19 एवं ओमिक्राॅन के तीसरे लहर से बचने के िलए पंचायत के प्रतिनिधि खासकर मुखिया का काफी महत्वपूर्ण भूमिका होगा। हम लोग स्वास्थ्य विभाग की मदद कर वैसे सभी लोगों का टीकाकरण में मदद करेंगे जो अब तक दूसरा डोज नहीं ले पाए हैं या फिर ऐसे नवयुवक जो 15 से 18 वर्ष के बीच है उन्होंने टीकाकरण नहीं कराया है या फिर ऐसे लोगों जिनके मोबाइल पर मैसेज आता है पर वह टीका नहीं ले रहे हैं।

चिंताजनक: कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे कुरसेलावासी

कुरसेला | ​​​​​​​प्रखंड में कोरोना संक्रमित की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होने से परिक्षेत्र में हड़कंप मच गया है। वही कुरसेला स्वास्थ्य केंद्र के तीन स्वास्थ्य कर्मी कोरोना पॉजीटिव होने से स्वास्थ्य केंद्र में हड़कंप मच गया है। तीनाें स्वास्थ्य कर्मी भी होम आइसोलेशन में है। इस दौरान हाट-बाजारों में काफी भीड़ जुट रही है। गाइडलाइन का पालन भी नहीं हो रहा है। कोरोना संक्रमण के नए वैरिंएट ओमिक्राॅन के खतरे के बीच नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। रात में घर से निकलना मना है। जबकि दिन में आप चाहे जितना भी भीड़ क्यों ना कर ले मास्क लगाना तो शायद लोग भूल ही गए हैं। क्योंकि कुरसेला के हाट बाजार तथा आसपास के बाजारों पर प्रतिदिन भीड़ अनियंत्रित हो रही है। कोरोना संक्रमण की धज्जियां उड़ाते देखे जा रहे हैं। जबकि सभी दिन चौक चौराहे पर भीड़ उमड़ती है। प्रशासन की ओर से शक्ति कहीं नहीं दिखती है। हाट-बजार में लाेग लापरवाही से महामारी को बुलावा दे रहा है। जहां एक ओर कुर्सेला में काेराेना मरीजाें की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वहीं लोगों में इसकी कोई चिंता या डर नहीं दिख रहा है। बाजारों और चौक-चौराहे पर प्रशासन को लापरवाह लाेगाें से पूरी मुस्तैदी से निपटने की जरूरत है। मास्क लगाने के लिए लोगों को प्रशासन द्वारा एक दिन जागरूक किया गया था। लेकिन लोगों में इसकी कोई असर नहीं दिखा है। वही मकर सक्रांति को लेकर हाट बाजारों में काफी भीड़ देखी गई। सबसे बड़ी बात है कि अधिकांश लोग अपने छाेटे-छाेटे बच्चों के साथ बिना मास्क के घूमते नजर आए। ऐसी लापरवाही महामारी को बुलावा दे रही है। इसे समय रहते नहीं रोका गया तो महामारी की चपेट में आने से लाेगाें काे कोई नहीं रोक सकता। इस तरह की लापरवाही रोकने के लिए प्रशासन को भी कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है।

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