जांच की मांग:पूर्व में कार्रवाई होती तो नहीं बढ़ता अपराधियों का मनोबल, पुलिस के कार्यशैली की जांच हो: विधायक

कटिहार2 महीने पहले
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  • गोलीकांड व रंगदारी की उच्च स्तरीय जांच की मांग, अपर मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा

कदवा विधायक डॉ. शकील अहमद खान ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर कदवा थाना अंतर्गत सोनेली बाजार के व्यवसायी सुनील बूबना के ऑफिस में हुई गोलीकांड की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कदवा थाना के थानाध्यक्ष की कार्यशैली की भी जांच की मांग की है। विधायक डॉ. शकील अहमद खान ने कहा कि 20 अगस्त 2020 को भी सोनेली में दिनदहाड़े असामाजिक तत्वों द्वारा दहशत फैलाने को लेकर डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों ने पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। अब सुनील बूबना गोलीकांड व रंगदारी मामले में उन्हीं में से कुछ अपराधियों की संलिप्तता सामने आई है। उन्होंने कहा कि अगर उसी समय उन लोगों पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाती तो दोबारा वे लोग इस तरह की घटना को अंजाम नहीं देते। अपर मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को विधायक द्वारा दिए गए पत्र के साथ व्यवसायी का संलग्न पत्र में कहा गया है कि 16 जुलाई को एक करोड़ की रंगदारी को लेकर सुनील बुबना व 19 जुलाई को मनोज सिंह से 40 लाख की रंगदारी की मांग को लेकर अपराधियों द्वारा फोन किया गया। रंगदारी नहीं देने पर 26 जुलाई को शाम 7 बजे सुनील बूबना पर उनके कार्यालय में गोली चला दी गई। जिसमें सुनील बूबना बाल बाल बच गए। रंगदारी की मांग की सूचना सुनील बूबना द्वारा प्रशासन को दी गई थी। बावजूद अपराधियों द्वारा दी गई धमकी के अनुसार सुनील बूबना पर गोली चला दी गई। जिसमें पुलिस प्रशासन की शिथिलता एवं उदासीनता साफ-साफ दिखाई पड़ती है। घटना घटने के दो-तीन दिनों के बाद 7 अपराधियों की इस घटना में संलिप्तता सामने आती है। जिसमें 6 को पकड़ कर जेल भेज दिया जाता है। पत्र में कहा गया है कि इस कार्रवाई से पीड़ित व्यवसायी पूरी तरह संतुष्ट नहीं है।

पुलिस को अब तक बाइक बरामद नहीं हो पाई
व्यवसाई का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के अनुसार जिस मोटरसाइकिल से इस घटना को अंजाम दिया गया वह मोटरसाइकिल पुलिस को अब तक बरामद नहीं हुआ है। पुलिस अधीक्षक के प्रेस वार्ता के अनुसार जिस मोबाइल फोन से बात की गई वह भी बरामद नहीं हुई है। जबकि सीसीटीवी फुटेज के अनुसार जिस जिस हथियार से घटना को अंजाम दिया गया वह प्रेस वार्ता के वीडियो में दिखाई नहीं दिया है। घटना किसके संरक्षण में हुई है इसकी भी पीड़ित व्यवसायी ने जांच की मांग की है।

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