त्यौहार:धूमधाम से भगवान चित्रगुप्त की हुई पूजा

कटिहार24 दिन पहले
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  • कायस्थ समाज के लोगों में उत्साह, विधि विधान के साथ चित्रगुप्त की हुई आराधना

शनिवार को जिले भर में कायस्थ समाज सहित आमलोगों द्वारा भगवान चित्रगुप्त की पूजा अर्चना श्रद्धा व भक्ति के साथ की गई। चित्रगुप्त पूजा को लेकर कायस्थ समाज के लोगों में गजब का उत्साह रहा। शहर के हाई स्कूल पाड़ा स्थित चित्रगुप्त मंदिर में विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की गई। इसके साथ ही इस्लामिया स्कूल के समीप स्थित मंदिर में भी पूजा अर्चना की गई। मंदिर के प्रोफेसर मुरारी प्रसाद ने बताया कि न्याय व्यवस्था के संचालन एवं लेखा जोखा रखने के लिए ही ब्रह्मा जी की काया से भगवान चित्रगुप्त जी की उत्पत्ति हुई है। कहा कि पुराणों के अनुसार भगवान चित्रगुप्त अपने दरबार में मनुष्यों के पाप पुण्य का लेखा जोखा करके न्याय करने वाले बताए गए हैं। प्रो.एस एन कर्ण ने बताया कि चित्रगुप्त भगवान सृष्टि के प्रथम न्यायाधीश है। मनुष्य की मृत्यु के पश्चात उनके द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर उनके लिए स्वर्ग या नरक का निर्णय लेने का अधिकार भगवान चित्रगुप्त के पास है। उन्होंने कहा कि भगवान चित्रगुप्त किसी जाति विशेष के देवता नहीं है। वहीं प्रो रेवती नाथ लाल ने बताया कि आज शिक्षा की जरूरत सभी वर्गों में है शिक्षा के आलोक में हमें भारत को मजबूत बनाना है। इस अवसर पर पूर्व सांसद निखिल कुमार चौधरी, पूर्व शिक्षा राज्यमंत्री डॉ रामप्रकाश महतो, निवर्तमान विधान पार्षद अशोक अग्रवाल, संजीव श्रीवास्तव, राजद नेता समरेंद्र कुणाल, प्र.सुरेश प्रसाद सिंह, अधिवक्ता रामानंद सिन्हा, रूपेश कुमार, सुमित वर्मा, जीकेसी सदस्य विकास सिन्हा, उदय शंकर वर्मा, डॉ. सुधीर, डॉक्टर पीसी दास, कन्हैया लाल पोद्दार, मनीष घोष, सुरेश वर्मा, इंद्रजीत सिंहा, धनंजय कुमार, अंजनी सिंह आदि उपस्थित थे।

धर्म-अधर्म का हिसाब रखते है चित्रगुप्त महाराज

हसनगंज | प्रखंड क्षेत्र में शनिवार को चित्रगुप्त महाराज की पूजा अर्चना धूमधाम व विधि विधान के साथ किया गया। वहीं भाईदूज को लेकर बाजारों में काफी चल पहल देखी गई। चित्रगुप्त पूजा को लेकर कायस्थ परिवार में काफी उत्साह देखा गया जिसमे परिवार के सदस्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलम,दवात व कॉपी,पुस्तक की पूजा की गई। इस दिन कायस्थ समाज के लोगों द्वारा कलम दवात की पूजा पूरे भक्ति भाव से की जाती है। मान्यता है,की चित्रगुप्त महाराज का अवतार कलम दवात के साथ हुआ था। धर्मराज के दरबार मे भगवान चित्रगुप्त धर्म अधर्म का लेखा जोखा रखते हैं। इनके कार्यों को ही देख ब्रह्मा जी द्वारा इन्हें वरदान दिया गया था,कि इनके वंशज भी सभी गुणों से निपुण होंगे। इसी मान्यता को मानते हुए कायस्थ समाज के लोग अपने घरों में अक्षत,फूल,मिठाई आदि से भगवान चित्रगुप्त महाराज का पूजा कर सुख,शांति व बुद्धि,विद्या,लेखन का कामना करते हैं। वहीं प्रखंड क्षेत्र में भाईदूज का त्यौहार भी हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न किया गया।

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