जन संकल्प से हारेगा कोरोना:लंग्स में काफी इंफेक्शन था, 3 दिन वेंटिलेटर पर रहा, हिम्मत नहीं हारी 27 दिन के संघर्ष के बाद कोरोना को हरा ही दिया

कटिहार | शमशाद आलम​​​​​​​6 महीने पहले
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  • कटिहार रेल मंडल अंतर्गत वाणिज्य विभाग के मुख्य कार्यालय अधीक्षक दिलीप कुमार पासवान की कोरोना से जीत की कहानी जिन्होंने सिलीगुड़ी में आईसीयू में अकेले रहकर रात दो बजे तक गाने गाए और दोस्तों के साथ शेयर कर अपने को व्यस्त रखा

कटिहार रेल मंडल अंतर्गत वाणिज्य विभाग के मुख्य कार्यालय अधीक्षक दिलीप कुमार पासवान कार्य के दौरान 1 सितंबर 2020 को पॉजिटिव हो गए थे। दिलीप कुमार पासवान ने कहा कि संक्रमण की पुष्टि होने के बाद रेलवे अस्पताल में भर्ती हो गया। 3 सितंबर को रेलवे अस्पताल के डॉक्टर ने हाथ खड़े कर दिए। डॉक्टर ने कहा आपके लंग्स में काफी इंफेक्शन हो गया है। रेलवे अस्पताल के डॉक्टर ने मुझे कोविड-19 अस्पताल मधेपुरा जाने की सलाह दी। लेकिन 5 सितंबर तक मेरी स्थिति काफी खराब हो गई। दोस्तों से और परिजनों से सलाह लिया। इसके बाद मुझे भर्ती कराने के लिए सिलीगुड़ी लाया गया। काफी मुश्किल के बाद सिलीगुड़ी के निवेदिता अस्पताल में भर्ती हुए। 3 दिन तक वेंटिलेटर में रहे। डॉक्टर्स की टीम ने पूरे विश्वास के साथ मेरा इलाज किया। इसके बाद मुझे आईसीयू में एडमिट किया गया। इस बीच पता चला कि मेरी पत्नी और बेटी का भी रिपोर्ट पॉजिटिव आया है और वे कटिहार में ही होम आइसोलेट है। दिलीप कुमार पासवान ने कहा कि आईसीयू में मैं बिल्कुल अकेला था। खुद को नेगेटिविटी से दूर रखने के लिए इस दौरान गाना गाने लगा। 2 बजे रात तक मैं गाना गाता था और उसे रिकॉर्ड करता था। डॉक्टर भी आकर मुझे गाना गाने से मना करते कि ज्यादा गाने से प्रॉब्लम होगा। लेकिन गाना गाने से मुझे बैटर फील होता था। इस बीच मै गाने को रिकॉर्ड कर अपने सर्किल एवं दोस्तों को भी भेजा करता था। यहां तक कि जो डॉक्टर्स की टीम मेरा इलाज कर रही थी उसे भी भेजता था। इस बहाने खुद के इच्छाशक्ति को मजबूत करता था। इसके अलावा परिवार की खट्टी मीठी यादों को अपने स्मृतियों में लाता रहा। लगभग 27 दिन की जद्दोजहद के बाद मैं अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर वापस कटिहार आया। अब मेरे परिचय के जो भी लोग हैं उनसे बातचीत कर उन्हें मोटिवेट कर रहा हूं ताकि वे कोरोना से डरे नहीं भय और तनाव ना पाले। चुनौती चाहे जितनी बड़ी हो लेकिन हौसला है तो जीत तय है। दिलीप पासवान की पत्नी मंजू कुमारी ने कहा कि पति सिलीगुड़ी में एडमिट थे घर में मैं और मेरी बेटी थी। कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई पहले तो मैं थोड़ा सहमी। सच मानिए डर गई। फिर मैंने बच्ची का चेहरा देखा और हिम्मत जुटाई। उसी दिन नारियल डॉब व मौसमी फल मंगवाया व 1 सप्ताह में निगेटिव भी हो गए।

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