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यास का असर:बारिश से सब्जी की 60% फसल बर्बाद, 80% से अधिक का किसानों ने नहीं कराया है बीमा

कटिहार24 दिन पहले
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बरारी में बारिश से बर्बाद हुई मिर्च व मनसाही में बर्बाद हुआ गोभी का पौधा। - Dainik Bhaskar
बरारी में बारिश से बर्बाद हुई मिर्च व मनसाही में बर्बाद हुआ गोभी का पौधा।
  • जिले में 324 मिमी बारिश, सभी प्रखंडों में सब्जी की फसल डूबने से हुई खराब
  • डीएओ ने कहा- रविवार है कल बात कीजिए

चक्रवाती तूफान के असर से हुए बारिश किसानों के लिए आफत बन गई। इससे जिले में सब्जी की फसल चौपट हो गई है। चक्रवाती तूफान के असर के कारण जिले में 324 मिमी बारिश हुई है जिसके कारण सभी प्रखंडों में सब्जी की फसल डूबने से खराब हो गई। जानकारों के मुताबिक जिले में लगाई गई सब्जी के कुल फसल का यह 60% बर्बाद हो गया है। सब्जी की खेती करने वाले किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है। हाल यह है कि 80% किसानों ने कर्ज लेकर इस उम्मीद से फसलों को तैयार करने में जुटे थे कि उन्हें फायदा पहुंचेगा। लेकिन बारिश ने उनकी कमर तोड़ दी। हालांकि प्रशासन का दावा है कि किसानों को राहत देने के लिए सर्वे कराया जाएगा। जिले में लगभग 8 से 10 हजार हेक्टेयर में सब्जी की खेती होती है। जबकि इसमें 1000 हेक्टेयर में जैविक कॉरिडोर के तहत सब्जी की खेती होती है। लीज पर लेकर खेती करने वाले किसान ही बीमा करवाते हैं जबकि कई किसानों ने बताया कि 3 महीने में सब्जी का फसल तैयार हो जाता है इसके कारण बीमा भी नहीं करवाते हैं। लगभग 80% किसानों ने नीमा नहीं करवाया है। जब किसानों के फसल नुकसान से संबंधित जानकारी को लेकर जिला कृषि पदाधिकारी से भास्कर संवाददाता ने 9431818755 पर संपर्क किया तो जिला कृषि पदाधिकारी दिनकर प्रसाद सिंह ने कहा कि आज रविवार है कल बात किजिए।

भिंडी की फसल बर्बाद | सालमारी के तेघड़ा पंचायत के कई किसानों ने कद्दू का खेती कर परिवार का भरण पोषण करते थे। शेखपुरा पंचायत के कुशहा गांव के अंकित आनंद खेत में भिंडी की फसल बर्बाद हो गए हैं। किसान अंकित ने कहा कि इसी खेती के सहारे परिवार चलता हैं लेकिन इस बार सब बर्बाद हो गया है।

10 लाख रुपए का हुआ नुकसान,पिछले साल भी ऐसा ही हाल था
बरारी के किसान सह पूर्व प्रमुख पति सरदार अमरजीत सिंह ने बताया कि पिछले 10 साल से उत्तरी भंडारतल गांव में अपने निजी जमीन पर एवं कुछ लीज की जमीन पर करीब 12 बीघे मिर्च की खेती करते आ रहे हैं। पिछले साल भी कोरोना महामारी के कारण लगे लॉकडाउन के वजह से करीब 12 लाख रुपए का नुकसान हुआ था। इस बार भी तूफान एवं मूसलाधार बारिश के कारण पूरा मिर्च का फसल बर्बाद हो गया। उन्होंने ने बताया कि इस बार 10 बीघा मिर्च की खेती किए हैं। प्रति बीघा करीब 20 हजार का लागत आई हैं लीज अलग से। बैंक से कर्ज लेकर खेती कर रहे हैं इस बार भी करीब 10 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।

मनसाही में प्रति बीघा 15 से 20 हजार रुपए का नुकसान
मनसाही क्षेत्र में 500 हेक्टेयर में लगी कई प्रकार के हरी सब्जियों का जोरदार बारिश से तो नुकसान हुआ ही हैं वहीं बारिश के बाद तेज धूप होने के साथ ही कई प्रकार के सब्जियों को और भी नुकसान पहुंचा है।‌ क्षेत्र के किसान तपेश्वर सिंह, मो सगीर, शंकर पासवान सहित कई किसानों ने बताया कि क्षेत्र में लगे गोभी की फसल के साथ साथ कद्दू, करेला, पलवल, भिंडी, वैगन एवं हरी मिर्च की फसलों को व्यापक पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। किसानों ने बताया कि हरी सब्जियों की अगर बात करें तो प्रति बीघा 15 से 20 हजार रुपये के नुकसान का अनुमान है। बरसते बारिश के साथ किसानों के अरमान एवं लगाए गए पूंजी भी पानी के साथ बह गए।

बारिश से मिर्च, कद्दू, नेनुआ और आम को सबसे ज्यादा नुकसान

हसनगंज प्रखंड में सब्जियों की फसल को काफी नुकसान हुआ है। मिर्च, कद्दू, घेरा, भिंडी और आम की फसल खराब हो गई। खेतों में पानी लग जाने से मिर्च का पौधा सूख रहा है। किसान दर्शन सिंह व महेश सिंह ने कहा कि तूफान मे सब्जी की खेती और आम का बगीचा को काफी नुकसान हूआ हैं। लाखों रुपए कि आम आंधी मे टूट कर बारिश में बह गई। रघुवंश सिंह, रमेश सिंह, मोहन सिंह ने बताया कि कर्ज लेकर खेती किए थे सब्जी फसल बर्बाद हो गई।

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