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स्वास्थ्य:सदर अस्पताल में बढ़ने लगे मौसमी बीमारी के मरीज

कटिहार3 दिन पहले
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सदर अस्पताल में इलाजरत मरीज। - Dainik Bhaskar
सदर अस्पताल में इलाजरत मरीज।
  • चिकित्सकों की सलाह-बदलते मौसम में छोटे बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत

कभी गर्मी तो कभी मौसम में नमी के एहसास के बीच वायरल फीवर और श्वास संबंधित बीमारियों की चपेट में लोग आने लगे हैं। जिसका नतीजा है कि अस्पतालों में सर्दी-जुकाम, वायरल फीवर, श्वास संबंधित बीमारियों से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ने लगी है। वर्तमान समय में सदर अस्पताल के ओपीडी में अधिकांश मरीज वायरल फीवर से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों ने बदलते मौसम में खानपान से लेकर तेज धूप और गर्मी में एहतियात बरतने की सलाह दी है। मौसम में उतार-चढ़ाव जारी हैं।

दिन और रात के तापमान में दोगुना अंतर दिख रहा है। इसका प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। सदर अस्पताल के चिकित्सक बताते हैं कि मौसम में बदलाव के कारण श्वास संबंधित रोगों से पीड़ित मरीजों को बुखार, गले में खराश और दर्द, आवाज में भारीपन, बोलने में परेशानी, बार-बार छींक आना, सांस लेने में दिक्कत और सांस फूलना, शरीर में अकड़न की शिकायत हो सकती है। सदर अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर एसएम ठाकुर ने बताया कि तापमान में उतार चढ़ाव के अनुसार कपड़े पहनना चाहिए।

पोषक आहार लेना चाहिए। खाने में सब्जी, सलाद और फल को शामिल करना चाहिए। चिकित्सक कहते हैं कि बीमारियों से बचे रहने के लिए पर्याप्त पानी भी पीना चाहिए। बदलते मौसम में छोटे बच्चों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। पांच साल और उससे कम उम्र के बच्चों पर ध्यान नहीं देने पर बीमारी गंभीर हो सकती है। शुरुआती बीमारी को नजरअंदाज करने से बच्चे निमोनिया की चपेट में आ सकते हैं। बीमारी का लक्षण देखते ही बच्चों का इलाज शुरू होना जरूरी है। खांसी के साथ ही सांस तेजी से फूले तो जल्द से जल्द चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

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