मोहर्रम का शोक मनाती भीड़ ने गाड़ी में की तोड़फोड़:कटिहार में इलाज कराकर लौट रहा मुस्लिम परिवार फंसा जुलूस में, लोगों ने गाड़ी पर लाठी-डंडे से किया हमला, नकद और मोबाइल भी लूटे

कटिहार2 महीने पहले
कटिहार में बेकाबू भीड़ ने गाड़ी पर बरसाई लाठियां।

कटिहार के कोढ़ा थाना क्षेत्र के मूसापुर के पास NH-31 पर मोहर्रम के जुलूस में शामिल बदमाशों ने स्कॉर्पियो सवार मुस्लिम परिवार पर लाठी-डंडे से हमला कर दिया। साथ ही गाड़ी में सवार लोगों से नकद और मोबाइल भी लूट लिया। बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो सवार मां-बेटा पूर्णिया से लौट रहे थे। भीड़ इतनी उग्र थी कि डर के मारे वह गाड़ी में ही बैठे रहे, किसी तरह जान बच जाने की प्रार्थना करते रहे।

डूमर निवासी मोहम्मद मसूद आलम ने बताया- 'मां का इलाज करा कर पूर्णिया से घर लौट रहा था। इस दौरान मूसापुर चौक के समीप NH-31 पर ही मोहर्रम का जुलूस था। इसमें शामिल लोगों ने स्कॉर्पियो पर लाठी बरसानी शुरू कर दी। इस दौरान भाई से 7000 रुपए नकद और मेरा मोबाइल भी छीन लिया।' इस घटना में मसूद की मां सहित उनके तीन अन्य परिजन भी घायल हो गए, जिसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोढ़ा में भर्ती कराया गया।

घटना की सूचना पर SDPO अमर कांत झा, अनुमंडल पदाधिकारी शंकर शरण ओमी, पुलिस दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और घटनास्थल को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया। पुलिस का कहना है- 'जब कोरोना गाइडलाइन के अनुसार मोहर्रम पर जुलूस निकालना प्रतिबंधित था तो फिर जुलूस कैसे निकला? जुलूस निकालने वालों पर कार्रवाई होगी।' उधर, पीड़ितों ने इस संबंध में कोढ़ा थाना में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।

SDPO अमरकांत झा ने बताया- 'मामला नियंत्रण में है। पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। जुलूस निकालने वालों पर कार्रवाई होगी। पीड़ित ने आवेदन दिया है।'

बिना आदेश कैसे निकला जुलूस?

राज्य सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि मोहर्रम का कोई जुलूस नहीं निकाला जाएगा। जिला प्रशासन ने भी सभी थानों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद पूरे थाना क्षेत्र में मोहर्रम पर जुलूस निकलना सवालिया निशान उठा रहा है। हालांकि पुलिस इस मामले में कह रही है कि लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई होगी।

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