हिदायत:25 हजार एमटी धान खरीद का लक्ष्य, 80 पैक्स व 3 व्यापार मंडल से 10.170 एमटी ही हुई खरीद

खगड़िया16 दिन पहले
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बेलदौर स्थित व्यापार मंडल के गाेदाम के बाहर रखे धान की बोरियां। - Dainik Bhaskar
बेलदौर स्थित व्यापार मंडल के गाेदाम के बाहर रखे धान की बोरियां।
  • लक्ष्य प्राप्ति के लिए 15 फरवरी तक 14800 एमटी धान की करनी होगी खरीदारी
  • 1396 किसानों को किया गया 14.73 करोड़ रुपए का भुगतान

जिले में इस बार आच्छदित धान फसल के विरुद्ध पैक्सों एवं व्यापार मंडल द्वारा 25 हजार एमटी यानी दो लाख पचास हजार क्विंटल धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरुद्ध अबतक यानी 7 जनवरी तक 10 हजार 170 एमटी यानी एक लाख 17 हजार क्विंटल धान खरीदी गई है। जबकि लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आगामी 15 फरवरी तक जिले के चिन्हित पैक्सों एवं व्यापार मंडल के द्वारा करीब 14 हजार 8 सौ एमटी यानी एक लाख 48 हजार क्विटंल धान की खरीदारी करनी होगी। बताते चलें कि जिले में अबतक पैक्सों एवं व्यापार मंडल के माध्यम से 1855 किसानों से ही धान खरीदी जा सकी है। जबकि धान अधिप्राप्ति के लिए जिले में कुल 5091 किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है। वहीं सहकारिता विभाग खरीदे गए धान के एवज में अबतक 1396 किसानों को 14 करोड़ 73 लाख रुपए का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जा चुका है। उक्त जानकारी देते हुए जिला सहकारिता पदाधिकारी शशिकांत कुमार शशि ने बताया कि धान अधिप्राप्ति के लिए कुछ नए पैक्सों को चिन्हित किया गया है। इनमें से कुछ डिफाल्टर पैक्स भी हैं जिन्हें शर्तों के साथ धान अधिप्राप्ति के लिए अधिकृत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब धान अधिप्राप्ति की गति अच्छी है। अबतक लक्ष्य के विरुद्ध 40.68 प्रतिशत धान की खरीदारी हो चुकी है। जबकि आने वाले दिनों में और भी तेजी से खरीदारी की तैयारी है। बताते चलें कि बीते दिनों डीएम डाॅ. आलोक रंजन घोष ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ जिले में धान अधिप्राप्ति की समीक्षा की थी। इस दौरान डीएम ने धान की खरीदारी में तेजी लाने तथा किसानों को डीबीटी के माध्यम से 24 घंटे के भीतर देय मूल्य का भुगतान करने का निर्देश दिया। इस बाबत डीएम ने बताया कि जिले में इस बार 25 हजार एमटी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

लक्ष्य के विरुद्ध 40.68 प्रतिशत हुई खरीदारी

जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि 7 जनवरी तक जिले में लक्ष्य के विरुद्ध 40.68 प्रतिशत धान खरीदी गई है। इस बार धान अधिप्राप्ति की रफ्तार बेहतर है और उम्मीद है कि इस बार प्राप्त लक्ष्य के अनुरूप धान अधिप्राप्ति की जाएगी। उन्होंने बताया कि धान अधिप्राप्ति में खगड़िया का राज्य में अभी 13वां स्थान है। सबसे ज्यादा बेलदौर और गोगरी में धान की खरीदारी हुई है।

विभागीय सुस्ती बना वास्तविक किसानों के लिए आफत
बताते चलें कि इस बार धान अधिप्राप्ति की तिथि 15 नवंबर से निर्धारित की गई थी, मगर यहां पैक्सों के द्वारा खरीदारी दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह में किया गया। जबकि ससमय धान का फसल उत्पादन होने तथा रबी फसल की बुआई की चिंता के कारण किसानों की समस्या बढ़ी रही। जिसके कारण किसान साहूकारों से कर्ज लेकर या खाद, बीज के दुकानदारों से उधार लेकर किसी तरह से किसान रबी फसल की खेती में लग गए। लेकिन तैयार किए गए धान का रख रखाव के अभाव में बर्बाद होने के भय से किसान औने पौने दामाें में व्यापारियों के हाथों बेचते गए। बताते चलें कि किसानों से धान खरीद के लिए न्यूनतम सरकारी दर 1940 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। लेकिन जबतक पैक्सों के द्वारा धान खरीदारी शुरू की जाती तब तक बिचौलियों के हाथों मजबूर किसान महज 12 सौ से 13 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर पर बेच दिए। अब ऐसे कम ही वास्तविक किसान हैं जो पैक्सों के माध्यम से धान बेच रहे हैंं।

बीते वर्ष 9998 एमटी हुई थी खरीदारी

बताते चलें कि बीते वर्ष जिले को धान अधिप्राप्ति के लिए मात्र 10 हजार मीट्रिक टन यानि एक लाख क्विंटल का लक्ष्य दिया गया था। जिसके विरुद्ध तकरीबन 9 हजार 998 एमटी यानी 99 हजार 980 क्विंटल धान खरीदी गई थी। जबकि वर्ष 2019-20 में 30 हजार एमटी के विरुद्ध तकरीबन 11 हजार एमटी और वर्ष 2018-19 में कुल 10 हजार 515 मीट्रिक टन की खरीदारी हुई थी। हालांकि इस बार राज्य सरकार की तरफ से आच्छादान की रिपोर्ट के आधार पर अधिप्राप्ति का लक्ष्य 25 हजार मीट्रिक टन कर दिया गया है।

सामान्य 1940 तथा ए ग्रेड की कीमत 1960 रुपए

बताते चलें कि केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार ने इस बार सरकारी स्तर से सामान्य धान की कीमत 1940 रुपए प्रति क्विंटल तथा ए ग्रेड धान की कीमत 1960 रुपए प्रति क्विंटल तय की है। इस बार धान अधिप्राप्ति का कार्य 15 नवंबर से शुरू किया गया जो आगामी 15 फरवरी तक होना है।

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