उफनाई नदियां:नर्सिंग कॉलेज में 3 फीट बाढ़ का पानी, 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 20 सेमी की वृद्धि

खगड़िया2 महीने पहले
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श्यामलाल नर्सिंग कॉलेज: शनिवार को गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने पर ग्राउंड फ्लोर पर पानी। - Dainik Bhaskar
श्यामलाल नर्सिंग कॉलेज: शनिवार को गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने पर ग्राउंड फ्लोर पर पानी।
  • कोसी, बागमती, गंडक और गंगा नदी में उफान, बाढ़ से 14 पंचायतों पर पड़ रहा बुरा असर
  • 14 पंचायताें और नगर के 3 वार्डों की आबादी गंगा में आई बाढ़ से प्रभावित, आने वाले दिनों स्थिति होगी भयावह

जिले में बाढ़ की स्थिति विकराल होते जा रही है। सात नदियों के बहने वाले जिले में अब तबाही का मंजर दिखने लगा है। जिले में कोसी और बागमती नदी करीब डेढ़ माह में सैकड़ों परिवार को बूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। अब गंगा की ऊफान से हजारों की आबादी बाढ़ से प्रभावित हो रही है। उधर, कोसी, बागमती और गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जबकि जिस रफ्तार से गंगा के जलस्तर में वृद्धि देखी जा रही है, उससे अनुमान लगाया जा सकता है कि आने वाले दो-तीन दिनों में जिले में बाढ़ से बढ़ी आबादी प्रभावित होगी। श्यामलाल नर्सिंग कॉलेज में देखते ही देखते करीब तीन फीट तक बाढ़ का पानी जम गया। जबकि एनएच किनारे बसे सदर प्रखंड के तीन पंचायतों के करीब एक दर्जन गांव व टोले के लोगों और पशुपालकों को बेघर होने की चिंता सता रही है। शनिवार को दर्जनों पशुपालकों को अपने-अपने मवेशियों के साथ एनएच-31 किनारे शरणस्थली बना रहे हैं। इधर, गोगरी प्रखंड के फतेहपुर गांव में जीएन बांध के समीप गंगा नदी की उप धारा में डूबने से एक 15 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। किशोर के डूबने के बाद घाट किनारे सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। जबकि मौके पर पहुंचे सीओ कुमार, थानाध्यक्ष पवन कुमार की मौजूदगी में बालक का शव बाहर निकाला गया और सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक कह पहचान फतेपपुर गांव के वार्ड संख्या 13 निवासी गंगा गिरी के पुत्र सोनू गिरी के रूप में की गई।

बालक के डूबने पर मुखिया ने लगाई गंगा में छलांग
गोगरी थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव में जीएन बांध के समीप स्थित चिमनी भट्ठा के पास गंगा नदी की उपधारा में शनिवार को दोस्तों के संग स्नान करने के क्रम में डूबने से गंगा गिरी के 15 वर्षीय पुत्र सोनू कुमार की मौत हो गई। बताते चलें कि बालक के डूबने की सूचना मिलते ही वहां ग्रामीणों की भीड़ लग गई, मौके पर पहुंचे मुखिया कृष्णानंद यादव एवं सरपंच मोहम्मद नूर आलम ने स्थानीय प्रशासन को घटना की जानकारी दी और गोताखोरों की मदद से युवक बालक की खोजबीन की मांग की। हालांकि हादसे की सूचना पर सीओ रंजन कुमार एवं थानाध्यक्ष पवन कुमार मौके पर पहुंच गए, मगर तत्काल कोई गोताखोर को नहीं बुलाया जा सका। जिसे देखते हुए मुखिया कृष्णानंद यादव खुद गोताखोर की भूमिका में स्थानीय कुछ युवाओं के साथ नदी में छलांग लगा दी और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद डूबे हुए बालक के शव को ढ़ूंढ़ निकाला।

स्कूल खुला पर पढ़ाई कैसे: स्कूल खुल गया है पर लगार का मध्य विद्यालय चारों तरफ पानी से घिर गया है।
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एक लाख की आबादी प्रभावित
जिले के उत्तरी भाग में बहने वाली कोसी और बागमती नदी से अलौली, खगड़िया, चौथम, बेलदौर, मानसी और गोगरी प्रखंड के कई करीब पांच दर्जन पंचायत बाढ़ से प्रभावित है। बाढ़ के दिनों में मुख्यत: कोसी और बागमती जिले में ज्यादा तबाही मचाती है। जबकि दक्षिणी भाग में गंडक और गंगा नदी से प्रत्येक वर्ष हजारों की आबादी प्रभावित होता है। वर्तमान में खगड़िया प्रखंड में एनएच-31 के दक्षिणी भाग में बसे गांव के लोग पूरी तरह बाढ़ से घिर चुके हैं और उनके पास पलायन के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

कोसी और बागमती के जलस्तर में गिरावट, गंगा और गंडक में वृद्धि : पिछले 24 घंटे में कोसी और बागमती नदी के जलस्तर में 11 सेमी और 6 सेमी की गिरावट दर्ज की गई है। जबकि गंगा के जलस्तर में 20 सेमी तथा गंडक में 10 सेमी की वृद्ध दर्ज की गई है।

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