स्वास्थ्य:सर्दी में मियादी बुखार का खतरा जागरुकता है जरूरी: डॉ. दीपक

खगड़िया3 दिन पहले
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बढ़ते ठंड के साथ ही बच्चों में मियादी बुखार का खतरा बना हुआ है। दादा जेपी अस्पताल के प्रबंधक डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि टाइफाइड या मियादी बुखार जमे दूषित जल और उससे पनपे साल्मोनेला टाइफी नामक जीवाणु से फैलता है। मियादी बुखार सभी उम्र में हो सकता है, लेकिन छोटे बच्चों और उम्रदराज लोगों के लिए ये हानिकारक हो सकता है। क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बड़ों के मुकाबले कम होती है। डॉक्टर ने बताया कि रोग के लक्षणों के प्रति जागरूक हो कर और उन्हें पहचान कर ससमय उपचार द्वारा इससे बचा जा सकता है। कोरोना वायरस के समान मियादी बुखार भी एक संक्रामक रोग है, जो गंदे खाने पीने की वस्तुओं के उपयोग से पनपता है। लगातार तेज बुखार (103-104 डिग्री) आना, कमजोरी महसूस होना, पेट में या सिर में दर्द, भूख नहीं लगना या कम लगना, त्वचा पर चकते या गुलाबी धब्बे बनना जैसे लक्षण दिखे तो यह मियादी बुखार हो सकता है। इसमें बुखार एक सप्ताह या इससे अधिक समय के लिए रहता है। जिसके दौरान ग्रसित रोगी कभी-कभी बेहोश भी हो सकता है। इस बुखार में जरा भी लापरवाही इसे भयंकर रूप दे सकती है। जो खासकर बच्चे के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए रोग की गंभीरता को देखते हुये बिना समय बर्बाद किए चिकित्सकीय परामर्श लें और समुचित उपचार कराएं।

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