मौसम:कोहरे की चादर के बीच पछुवा हवा से बढ़ी कनकनी

खगड़िया7 दिन पहले
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मकड़ी के जाल में फंसी ओस की बूंद। फोटो | रौशन कुमार - Dainik Bhaskar
मकड़ी के जाल में फंसी ओस की बूंद। फोटो | रौशन कुमार

जिले में बर्फीली हवा चल रही है। इस वजह से ठंड का असर बढ़ गया है। शुक्रवार को सुबह घना कोहरा छाया रहा और दोपहर में धूप निकली रही। धूप निकलने से सुबह में लोगों को लगा कि ठंड से राहत मिलेगी, लेकिन धूप के बावजूद बर्फीली हवा चलने से ठंड का असर ज्यादा हो गया। इस वजह से गलन भरी ठंड महसूस हो रही थी। सुबह में घर से बाहर निकलते ही लोगों को हवा की रफ्तार तेज होने से ठंड का असर देखा गया। इस वजह से लोगों को काफी परेशानी महसूस हुई। बुधवार को जिले में कई स्थानों पर बारिश हुई थी। कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी हुई थी। इस वजह से बर्फीली हवा चल रही है। अभी भी 2 दिनों तक तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। इस वजह से ठंड का असर कम नहीं होगा। मौसम विभाग के वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम 22 डिग्री तथा न्यूनतम 10 डिग्री तापमान रहा। न्यूनतम तापमान 10 होने से ठंड का असर ज्यादा रहता है। पिछले सप्ताह अधिकतम तथा न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी हो गई थी। इस वजह से ठंड का असर कम हो गया था। लेकिन जैसे ही मौसम में बदलाव आया फिर से ठंड अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया।

अभी तापमान में बढ़ोत्तरी का कोई अनुमान नहीं
बारिश हुई न्यूनतम और अधिकतम तापमान में फिर से गिरावट आ गई। अभी 3 से 4 दिनों तक न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना नहीं है। ठंड का असर ज्यादा होने से दैनिक दिनचर्या पर भी असर पड़ रहा है। लोग आवश्यक कार्य से भी लोग घरों से बाहर निकलने में परहेज कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों से भी कम संख्या में ही लोग शहर आए जो लोग आए हुए थे। वे जल्द ही अपने काम निपटा कर शाम होते ही घरों के लिए लौट गए। इससे शाम 5:00 बजे के बाद शहर की सड़कों पर लोगों की कमी हो गई। शहरी क्षेत्र के लोग भी शाम होते ही अपने घरों में दुबक गए।

नहीं मिल रहा रोजगार
दैनिक मजदूरों को रोजगार नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठानी पड़ी। ठंड का असर देखते हुए शहर में कहीं पर भी पर्याप्त मात्रा में अलाव का इंतजाम नहीं किया गया है। गरीब व राहगीर सुबह और शाम को ठिठुरते दिखे।

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