यहां 15 हजार आबादी आज भी चचरी पुल के सहारे:जान जोखिम में डाल कर पार करते हैं नदी, बाढ़ में केवल नाव का ही सहारा

खगड़िया6 महीने पहले

खगड़िया में एक तरफ सरकार विकास की घोषणाएं करती है। वहीं दूसरी तरफ हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। नेताओं और सरकार के तमाम वादों के बावजूद जिला मुख्यालय से महज कुछ ही दूर विकास की ऐसी तस्वीर दिख रही है जो दियारा वासियों की दुर्दशा बता रही है। मानसी प्रखंड अंतर्गत खुटिया पंचायत के मटिहानी घाट स्थित गंडक नदी में बने बांस-बल्ली से बना पुल नेताओं को मुंह चिढ़ाने को काफी है।

मानसी प्रखंड स्थित बूढ़ी गंडक नदी के ऊपर बना बांस बल्ली की पुल पर करीब 15 हजार की आबादी का आन जान होता है। जिसे स्थानीय दियारा वासी खुद से चंदा कर बनाते हैं। वो इसी पुल के सहारे आवागमन एक वर्ष में सिर्फ छह माह करते हैं। आजादी के बाद से आज तक इन गांव वालों की इस समस्या का हल नहीं निकल सका है।

मुंगेर और खगड़िया को जोड़ता है यह पुल

गौरतलब है कि मानसी प्रखंड के मटिहानी घाट स्थित गंडक नदी के उसपार मुंगेर है। बांस बल्ली का यह पुल खगड़िया और मानसी को आपस में जोड़ता है। गंडक नदी के उसपार करीब 15 हजार की आबादी रहती है। जिनका चिकित्सा, शिक्षा, बाजार खगड़िया जिले के भरोसे है। मुंगेर जिला इस जगह से दूर होने के कारण लोगों की जीविका का भी मात्र एक साधन खगड़िया ही है।

आधुनिक समय में विकास से कोसों दूर हैं ग्रामीण

इस चचरी पुल के सहारे दियारा इलाके के कई गांव हैं। जिनकी पूरी दिनचर्या खगड़िया पर निर्भर है। इनमे टीकारामपुर, तोफिर, भीमबाबू टोला, पांडव बाबू टोला और अन्य कई गांव शामिल है। यहां के ग्रामीणों ने दैनिक भास्कर को बताया कि देश प्रदेश में किसी की भी सरकार रही हो। ये लोग आज तक विकास कैसे होता है देख नहीं पाए हैं। लोगों ने बताया कि देश आज मेट्रो ट्रेन की सवारी कर रहा है लेकिन ये अभी भी दशकों पीछे ही हैं। लोगों ने बताया कि इनको न तो बेहतर शिक्षा मिल पाई है न ही स्वास्थ्य सुविधा है। बस इस चचरी पुल का सहारा इनके नसीब में है।

पांच वर्ष बाद भी नहीं बना पुल

दियारा इलाके में बांस बल्ली से बने इस चचरी पुल के ठीक बगल में ग्रामीण कार्य विभाग की तरफ से स्थाई पुल अर्धनिर्मित है। लोगों ने बताया कि जनवरी 2017 में इस पुल का निर्माण शुरू किया गया, पांच वर्ष बाद भी यह पूरा नहीं हो सका। वहीं इस बाबत कार्य विभाग की माने तो पूल के काम को लेकर विभाग की ओर से कई बार कंस्ट्रक्शन कम्पनी को चिट्ठी लिखी गई। काम शुरू भी हुआ थे लेकिन लॉकडाउन में यह कार्य फिर बंद हो गया। विभाग ने बताया कि जल्द पुल के निर्माण फिर से शुरू होने की उम्मीदें हैं।

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