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आयोजन:दूसरी भाषा का विरोध नहीं कर हम अपनी हिंदी भाषा को आगे बढ़ाए तभी होगा विकास: प्राचार्य

खगड़िया12 दिन पहले
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हिंदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते डॉ. विवेकानंद। - Dainik Bhaskar
हिंदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते डॉ. विवेकानंद।
  • राज माता टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज आवास बोर्ड में उत्साह के साथ मनाया गया हिंदी दिवस
  • हाय-हैलो की संस्कृति ने अंग्रेजी की को इतना बढ़ा दिया है कि हिंदी के प्रसार का मार्ग हो रहा अवरुद्ध

राज माता माधुरी देवी टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज आवास बोर्ड में मंगलवार को बड़े ही उत्साह के साथ हिन्दी दिवस मनाया गया। मौके पर उपस्थित मुख्य अतिथि और वक्ता के रूप में कॉलेज के संरक्षक डॉ स्वामी विवेकानंद, प्राचार्य डॉ इंद्रजीत कुमार एवं कॉलेज के सहायक प्रोफेसर ड्रामा एंड आर्ट हरिकिशोर ठाकुर, प्रोफेसर इंद्रजीत पोद्दार, प्रदीप कुमार, सत्येंद्र कुमार राम, बिंद बहादुर कुशवाहा, रंजीत कुमार, प्रीति कुमारी, अनुराधा कुमारी, ज्योति श्रीवास्तव व अन्य ने हिंदी दिवस पर अपने वक्तव्य को छात्र के समीप रखा जो काफी सराहनीय रहा। मौके पर डाॅ. विवेकानंद ने कहा कि हमे हिंदी से प्यार होनी चाहिए। हिंदी का विकास कैसे हो वो बेचैनी हमारे अंदर होनी चाहिए। तभी हम हिंदी की सच्ची सेवा कर पाएंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात उन्होंने ये कहा कि इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई भी हिंदी में होनी चाहिए, और संपूर्ण भारत देश में हिन्दी भाषा बोली और पढ़ी जानी चाहिए। वहीं प्राचार्य डॉ इंद्रजीत कुमार ने कहा कि दूसरी भाषा का विरोध नहीं कर हम अपनी हिन्दी भाषा को आगे बढ़ाए तभी हिंदी का विकास होगा। मौके पर लाइब्रेरियन रामानंद कुमार, हेड क्लर्क मिलन कुमार यादव, सहायक क्लर्क रूपेश कुमार, मिथुन कुमार के अलावा छात्र नीतीश कुमार, विवेक कुमार, रविकांत कुमार, मोहित किशन, बिनीत कुमार, सुजीत कुमार, स्मिता चौहान, काजल कुमारी, काजल 2, गुड़िया कुमारी, प्रियंका कुमारी, मंजरी खातून, शिल्पी, अनाका ने भी कविता, कहानी के माध्यम से हिन्दी के प्रति संवेदना जताई।

हिंदी भाषा के महत्व को जिंदा रखने के लिए प्रचार-प्रसार जरूरी
खगड़िया | शहर के पोस्ट ऑफिस रोड स्थित विवाह भवन में मंगलवार को हिंदी दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता संजय कुमार ने किया। वहीं समाजसेवी रौशन चंद्रवंशी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हिन्दी को राष्ट्रभाषा का दर्जा 14 सितंबर 1949 के दिन मिला था। तब से हर वर्ष इस दिन को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। संविधान सभा ने एकमत से निर्णय लिया कि हिंदी ही भारत की राजभाषा होगी। जबकि अमित कुमार ने कहा कि आज देश में लोगों को लगता है कि जिसे ज्यादा अंग्रेजी आती है वह ज्ञानी है। लोग उन्हें हाईप्रोफाइल समझने लगे हैं। नौकरी के दौरान भी व्यक्ति के अनुभव से ज्यादा कई कंपनियां यह देखती है कि उम्मीदवार की पकड़ अंग्रेजी भाषा पर कितनी है। उन्होंने कहा कि अगर आज भी हमने हिन्दी भाषा को लेकर सतर्कता नहीं बरती तो वह दिन दूर नहीं जब हिन्दी भाषा हमारे बीच से बिल्कुल गायब हो जाएगी। मौके पर सुरेंद्र कुमार, रंजीत सिंह, मुकेश यादव, लक्ष्मण कुमार, मोहित कुमार, पवन कुमार, दिवाकर सिंह, चंदन कुमार, अजीत कुमार सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।

हिंदुस्तान की पहचान है हिंदी: डॉ. रोशन रवि
गोगरी | गोगरी प्रखंड स्थित केडीएस कॉलेज में हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी के प्रसार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्राचार्य डॉ दिवाकर प्रसाद की उपस्थिति में मंगलवार को काॅलेज के छात्र -छात्राओं के द्वारा ‘लघु कथा वाचन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के द्वारा छात्र-छात्राओं ने अपनी-अपनी लघु कथाओं के माध्यम से हिंदी के विकास में आने वाली बाधाओं से अवगत कराया। इस मौके पर हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष सह एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ रोशन रवि ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदुस्तान की पहचान हिंदी है, लेकिन लोगों के द्वारा अपनाई जाने वाली हाय-हैलो की संस्कृति ने अंग्रेजी की चमक दमक को इतना बढ़ा दिया है कि हिंदी के प्रसार का मार्ग अवरूद्ध होने लगा है। यदि हमें हिंदुस्तान को समझना है तो हिंदी को समझना ही होगा, क्योंकि हिंदुस्तान में अंग्रेजी केवल व्यवसायिक भाषा हो सकती है, वह व्यवहारिक भाषा कभी नहीं हो सकती है। हिंदुस्तान की व्यवहारिक भाषा तो हिंदी ही हो सकती है। वहीं हिंदी विषय से स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र अभय अंकित ने कहा कि हाल के वर्षों में तकनीकी विषय के ज्ञान के लिए अंग्रेजी पर निर्भरता कम हुई है। क्योंकि तकनीकी विषय से संबंधित कई सामग्रियां अब हिंदी भाषा में भी उपलब्ध है। इस कार्यक्रम में भौतिकी विभागाध्यक्ष कृष्ण कुमार भार्गव, रसायन विभाध्यक्ष करुणेश केशव, गणित के विभाध्यक्ष वैभव निकेत शांडिल्य, ब्रज विनोद गौतम, सिराजुल हक ने भी छात्रों को संबोधित किया।

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