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अनदेखी:ई-रिक्शा की कमान नाबालिगों के हाथ में, होती है दुर्घटनाएं

खगड़िया11 दिन पहले
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ई-रिक्शा चलाता नाबालिग। - Dainik Bhaskar
ई-रिक्शा चलाता नाबालिग।
  • बाइक का चालान काटने वाली पुलिस लोगों की जान खतरे में डालने वाले वाहन चालकों पर नहीं करती है कार्रवाई

शहर में अधिकांश ई-रिक्शा की कमान नाबालिगों के हाथ में दिखाई दे रही है। बिना लाइसेंस के यह चालक इस हल्के वाहन को तेज रफ्तार में दौड़ा रहे हैं। इससे लोगों की जान पर खतरा बना हुआ है। शहर के सबसे ज्यादा राजेंद्र चौक, बेंजमिन चौक, स्टेशन, बस स्टैंड एवं अस्पताल रोड से होकर निकलने वाली ई रिक्शा की स्टेयरिंग नाबालिगों के हाथों में देखने को मिल रहा है। शहर में ई-रिक्शा पलटने की कई घटनाएं भी ही चुकी हैं। बाइक का चालान काटने वाली पुलिस को लोगों की जान खतरे में डालकर फर्राटा भरने वाले ऐसे वाहन चालकों पर नजर पड़ने के बाद भी पुलिस ने उन्हें यातायात नियम बताना मुनासिब नहीं समझ रही है। बैट्री से चलने वाला ई-रिक्शा बेरोजगार युवकों के लिए रोजगार का माध्यम बन गया है। यही कारण है कि शहर में दर्जनों युवक ई-रिक्शा चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। अन्य लोगों को ढोने के साथ ही छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल ले जाने और घर पहुंचाने का कार्य भी कर रहे हैं। लापरवाही पूर्वक उसे दौड़ा रहे हैं। यह चालक बिना इंडीकेटर जलाए ही अचानक वाहनों को जहां मोड़ दे रहे हैं, वहीं सवारियों के आवाज लगाने पर अचानक सड़क पर ही वाहन का ब्रेक लगा दे रहे हैं, जिससे पीछे और सामने से आने वाले वाहनों से टकराने का भय बना रह रहा है। इस वाहन में तीस किमी रफ्तार का मीटर लगा हुआ है लेकिन चालक इसे हवा में उड़ा रहे हैं।

गाड़ी इतनी हल्की होती है कि पलटने में नहीं लगता समय
वाहन की हालत यह है कि यह काफी हल्का है। तेज रफ्तार चलने के दौरान अगर छोटे गड्ढे में भी इसका पहिया चला गया तो वाहन पलटने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। बावजूद चालक तेज रफ्तार से इसे दौड़ा रहे हैं। कई नाबालिग चालक छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल ले जाने और छुट्टी होने पर घर पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। इससे बच्चों पर भी खतरा मंडरा रहा है। मानसी बदला रोड में अक्सर ई रिक्शा गड्ढे में पलटता रहता है। करीब एक पखवारा पूर्व ऐसे ही इस सड़क में एक नाबालिग चालक ने तेज रफ्तार घुमाया था, जिससे वाहन पलट गया। उसमें सैदपुर की दो महिलाएं घायल हो गई थी।

खतरनाक: क्षमता से अधिक ढोए जा रहे यात्री
ई-रिक्शा वाले क्षमता से अधिक सवारी ढो रहे हैं। ड्राइवर सीट के पास दोनों ओर यात्री बैठाए जा रहे हैं। ऑटो की तर्ज पर कुछ ई-रिक्शा वाले तो यात्रियों की जगह माल भी ढोने लगे हैं। मसलन सब्जियों के गट्ठर, इलेक्ट्रॉनिक व अन्य सामग्री लोड कर गंतव्य स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।

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