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निर्णय:फसल नुकसान होने पर किसानों को मिलेगा मुआवजा

खगड़िया21 दिन पहले
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अमनी में कोसी के जलस्तर बढ़ने से डूबी फसल। - Dainik Bhaskar
अमनी में कोसी के जलस्तर बढ़ने से डूबी फसल।
  • सरकार सहकारिता विभाग के माध्यम से फसल क्षतिपूर्ति के लिए 31 जुलाई तक करना होगा आवेदन

मौसम की लगातार बेरुखी के कारण अब खरीफ फसलों के उत्पादन पर भी खतरा मंडरा रहा है। वहीं सरकार ने वैसे किसानों को जिनके फसलों का नुकसान हुआ, उन्हें सरकार सहकारिता विभाग के माध्यम से फसल सहायता बीमा योजना के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए 31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बाढ़, सुखाड़ आदि से फसलों के उत्पादन में हुई कमी की स्थिति में किसानों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराते हुए उन्हें अगली फसल के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करना है। किसानों के बीच में तीसरा कोई नहीं होगा। डीजल सब्सिडी समेत अन्य योजनाओं का लाभ लेने वाले किसान, इसका लाभ ले सकते हैं। जबकि आपदा में मिलने वाली फसल की क्षति का मुआवजा पहले की तरह जारी रहेगा। उक्त जानकारी देते हुए जिला कृषि पदाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि जल्द मोबाइल से भी निबंधन की व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि आवेदन देने के 15 दिन के भीतर तय सहायता राशि के रुपए किसानों के खाते में जाएगा।

आकलन के बाद किसानों के खाते में जाएगी राशि

डीएओ ने बताया कि फसलों के आकलन के आधार पर फसल क्षतिपूर्ति का मुआवजा दिया जाएगा। उन्हाेंने बताया कि एक से 20 प्रतिशत तक फसल क्षति होने पर प्रति हेक्टेयर 7.5 हजार रुपए मुआवजा मिलेगा। जबकि 20 प्रतिशत से अधिक क्षतिपूर्ति पर प्रति हेक्टेयर 10 हजार रुपए मुआवजा का प्रावधान किया गया है। इसके लिए निबंधन नि:शुल्क है। आकलन और जांच के बाद मुआवजा फसल कटनी के 15 दिन के अंदर किसानों के बैंक खाता में कर दिया जाएगा।

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