खगड़िया में भूमि विवाद में मारपीट, 12 लोग घायल:विवादित भूमि को लेकर दो पड़ोसियों में जमकर चले लाठी-डंडे, 4 की हालत गंभीर

खगड़िया24 दिन पहले
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सदर अस्पताल में भर्ती घायल। - Dainik Bhaskar
सदर अस्पताल में भर्ती घायल।

खगड़िया के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र के राबड़ी नगर वार्ड-15 में शनिवार सुबह दो पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले। घटना में एक पक्ष के 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद घायल पक्ष के लोगों ने कई लोगों के साथ मिलकर दूसरे पक्ष पर हमला कर दिया। इसके बाद दूसरे पक्ष के 9 लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की अनदेखी से इतनी बड़ी घटना हुई। पुलिस समय में कार्रवाई करती तो विवाद इतना नहीं बढ़ता। वहीं, मोरकाही थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने इसे सरासर झूठ कहा। कहा कि पुलिस पर आरोप निराधार है।

इसमें एक पक्ष के घायलों में राबड़ी नगर निवासी चंद्रशेखर दास के पुत्र सुधाकर कुमार (17), पूरन दास के पुत्र मंतोष कुमार (30), स्व रघुनंदन दास के पुत्र राहुल (25) कुमार और स्व उपेंद्र दास के पुत्र किशोर दास (40) शामिल हैं। जिनका इलाज सदर अस्पताल खगड़िया में किया गया।

वहीं दूसरे पक्ष के घायलों में राबड़ी नगर निवासी जगेश्वर दास के पुत्र योगेन्द दास (55), योगेन्द दास के पुत्र राजेश दास (25), बिट्ठल दास के पुत्र रामचन्द्र दास (61), राजेश दास की पत्नी माया देवी (22), विन्देश्वरी दास की पत्नी माया देवी (45), चन्देश्वरी दास की पत्नी माला देवी (40), रामचन्द दास की पत्नी विमला देवी (60) एवं विन्देश्वरी दास के पुत्र चंदन कुमार (13) शामिल है। जबकि इनमें गंभीर रुप से घायल राजेश दास, योगेन्द दास, रामचन्द दास एवं माया देवी की स्थ्ति गंभीर होने के कारण उनको बेहतर इलाज के लिए खगड़िया से बाहर ले जाया गया है।

धीरे-धीरे बढ़ा विवाद
बता दें कि शनिवार को ही सुबह 7 बजे दो पक्षों के बीच भूमि विवाद को लेकर लाठी-डंडे चले थे। इस घटना में एक तरफ के चार लोग घायल हुए थे। जिनका इलाज सदर अस्पताल में कर उनको घर भेज दिया गया था। फिर धीरे-धीरे यह विवाद बढ़ता चला गया और दुबारा हुई मारपीट हुई। इसमें दर्जनभर से ज्यादा लोग जख्मी हो गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहली घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई थी। बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई हुई। इसकारण विवाद बढ़ गया।

मुझे सूचना ही नहीं मिली, जब मिली तो पुलिस भेजा गया : थानाध्यक्ष
घटना के संबंध में मोरकाही थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने इसे सरासर झूठ कहा। उन्होंने कहा कि जब विवाद में दर्जन लोग घायल हुए तब पुलिस को जानकारी मिली। इसके बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की गई। पुलिस पर आरोप निराधार है।