खगड़िया में चुनी गई पंचायत की सरकार:परबत्ता-गोगरी के जिप क्षेत्र संख्या 15-16 एवं 14 पंचायतों का नतीजा, 8 मुखिया और 2 जिप सदस्य को पहली बार मिला सेवा का मौका

खगड़िया10 दिन पहले
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मुखिया पद पर 10 नए चेहरे ने कब्जा जमाया। - Dainik Bhaskar
मुखिया पद पर 10 नए चेहरे ने कब्जा जमाया।

खगड़िया जिला मुख्यालय में रविवार को पंचायत चुनाव के तृतीय चरण के मतों की गणना पूर्व निर्धारित समय से शुरू हुई। मतगणना में जिला परिषद क्षेत्र संख्या 15 एवं 16 के 14 पंचायतों में कुल 394 पदों के लिए मतगणना हुई। जिसमें मुखिया पद पर 10 नए चेहरे ने कब्जा जमाया। जबकि तीन निर्वतमान मुखिया फिर से अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब रहे। गोगरी प्रखंड के रामपुर पंचायत के निर्वतमान मुखिया कृष्णानंद यादव पांचवी बार अपने पंचायत पर जीत दर्ज कर कब्जा बरकरार रखा। वासुदेवपुर पंचायत के शिशवा गांव निवासी अमर यादव की पत्नी और निर्वतमान मुखिया कंचन देवी ने सबसे बड़े 818 मतों के अंतर से मुखिया पद से चुनाव जीता। इसी तरह परबत्ता प्रखंड के कबेला पंचायत से बालकृष्ण शर्मा ने भी मुखिया पद पर दोबारा जीत हासिल की।

बताते चलें कि परबत्ता प्रखंड के देवरी पंचायत से 1989 मत प्राप्त कर हाजरा खातून, पिपरालतीफ पंचायत से 1837 मत प्राप्त कर अबिना खातून, जोरावरपुर से 1450 मत प्राप्त कर सुधीर कुमार, कबेला पंचायत से 1442 मत प्राप्त कर बालकृष्ण शर्मा, माधवपुर पंचायत से 2562 मत प्राप्त कर आशुतोष कुमार, दरियापुर भेलवा पंचायत से 1435 मत प्राप्त कर रामविनय कुमार मुखिया पद से निर्वाचित हुए।

इसी तरह गोगरी प्रखंड के शेरचकला पंचायत से 1714 मत प्राप्त कर मिथिलेश कुमार निराला, पसराहा पंचायत से 2509 मत प्राप्त कर सुशीला संपत, वासुदेवपुर पंचायत से 2962 मत प्राप्त कर कंचन देवी, रामपुर पंचायत से 1985 मत प्राप्त कर कृष्णानंद यादव, देवठा पंचायत से 1247 मत प्राप्त कर आलोक कुमार सिंह, पैंकात पंचायत से 953 मत प्राप्त कर सिंकू पासवान और इटहरी पंचायत से 2252 मत प्राप्त कर अनिता देवी मुखिया पद से निर्वाचित हुई।

छोटे भाई के हाथों बड़े भाई को मिली हार
बताते चलें कि गोगरी प्रखंड के शेर चकला पंचायत का मुखिया पद का चुनाव काफी राेचक बना हुआ था। क्योंकि यहां इस पद के लिए दो सहोदर भाई विनय यादव एवं मिथिलेश कुमार निराला पिछले 15 वर्षों से आमने- सामने थे। इस चुनाव में दोनों भाई के बीच कांटे की टक्कर हुई। छोटे भाई मिथिलेश ने बड़े भाई विनय यादव को 630 वोटों के अंतर से हराकर मुखिया की कुर्सी हासिल कर ली।

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