कोसी नदी में कटाव से करीब 24 परिवार बेघर:खगड़िया में गांव का एकमात्र स्कूल कभी भी हो सकता है ध्वस्त, दशहत में ग्रामीण

खगड़िया2 महीने पहले
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स्कूल के पास तेजी से हो रहा कटाव। - Dainik Bhaskar
स्कूल के पास तेजी से हो रहा कटाव।

कोसी नदी के कहर से अभी भी खगड़िया के गांधीनगर गांव के लोग उबर नहीं सके हैं। यहां लोगों की जिंदगी भगवान भरोसे है। कोसी नदी में कटाव की वजह से करीब 2 दर्जन परिवार बेघर हो गए हैं। वहीं, गांव का एक मात्र प्राथमिक विद्यालय को भी कोसी नदी अपने आगोश में लेने को आतुर दिख रही है। यहां विद्यालय के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं इस गांव में रहने वाले लोग दहशत में हैं। जबकि, जिम्मेवार अधिकारी इसको लेकर कोई ठोस पहल नहीं कर रहे हैं।

300 से अधिक बच्चों का भविष्य अधर में
बेलदौर के गांधीनगर गांव के प्राथमिक विद्यालय में 300 से अधिक बच्चों का नामांकन है। लेकिन विद्यालय भवन पर खतरा मंडरा रहा है। यहां पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य भी अधर में दिख रही है। स्कूल के शिक्षको ने बताया कि करीब 2 माह पुर इस विद्यालय का 2 कमरा नदी की आगोश में समा चुका है। शिक्षकों ने बताया कि जिस तरह से कटाव जारी है, उसके हिसाब से पूरा स्कूल भवन आने वाले समय मे ध्वस्थ हो जाएगा। स्कूल नदी से महज 15 से 20 मीटर की दूरी पर है। जलस्तर में वृद्धि से ग्रामीण सहमे हैं। नदी के कटाव के कारण गांधीनगर गांव के प्राथमिक विद्यालय का एक भवन पहले ही ध्वस्त हो चुका है।

स्कूल का एक हिस्सा पहले ही कटाव में पूरी तरह से खत्म हो गया।
स्कूल का एक हिस्सा पहले ही कटाव में पूरी तरह से खत्म हो गया।

2 दर्जन परिवार हुए बेघर
इतमादि पंचायत के गांधीनगर गांव के लोगों का कहना है कि वे हर वर्ष कटाव की विभीषिका को झेलने को विवश हैं। लोगों ने बताया कि कटाव के कारण इस गांव के 24 से अधिक परिवारों का आशियाना उजर चुका है। 15 दिनों तक कटाव स्थल पर करीब 3 हजार जियो बैग में कंक्रीट डालकर रखा गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाढ़ नियंत्रण विभाग वैसे जगह पर जियो बैग डाला है, जहां पर कटाव नहीं हो रहा है।

कटाव को रोकने के लिए रखा गया कंक्रीट का जियो बैग।
कटाव को रोकने के लिए रखा गया कंक्रीट का जियो बैग।

हर साल कटावरोधी कार्य पर खर्च होते हैं 10 करोड़
बेलदौर प्रखंड में कटाव से सबसे ज्यादा प्रभावित पचाठ, नवटोलिया, मुनीटोला व गांधीनगर गांव में कटावरोधी कार्य पर हर साल करीब 10 करोड़ खर्च किए जाते हैं। इसके तहत इन जगहों पर सीमेंट की बोरियों में बालू भरकर तटबंध पर कटाव निरोधी कार्य किया जाता है। लेकिन, ठेकेदार ने कटाव निरोधी कार्य में भी कटौती कर ली है। डाली गई बोरियां पानी में बहे नहीं इसके लिए इन बोरियों को रस्सी से जोड़ते हुए बांधकर रखा जाना था। ठेकेदारों ने यह काम नहीं किया।

क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी
बाढ़ प्रमंडल 2 जेई मणिकांत पटेल ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय गांधी नगर के पास कोशी नदी में कटाव की रोक थाम को लेकर प्राक्कलन बनाकर पटना भेजा गया था । उस प्रस्ताव को सचिवालय स्तर से निरस्त कर दिया गया है ।