आत्मनिर्भरता / जनप्रतिनिधियों ने नहीं सुनी फरियाद ग्रामीणों ने खुद किया सड़क निर्माण

Public representatives did not listen to the villagers themselves did road construction
X
Public representatives did not listen to the villagers themselves did road construction

  • सड़क नहीं होने से हर वर्ष बड़ी मात्रा में बर्बाद होती थी फसल

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

खगड़िया. प्रखंड के माधवपुर पंचायत के ग्रामीणों तथा किसानों ने इस लॉकडाउन के दौरान आपसी सहयोग से सड़क का निर्माण शुरू कर एक इतिहास कायम किया है। इस काम के लिए ग्रामीणों ने पंचायत से लेकर संसद में प्रतिनिधित्व करने वालों की चिरौरी की। लेकिन उसका कोई परिणाम नहीं निकला। मनरेगा योजना भी इस काम में सहायक नहीं हो सकी। आखिरकार आश्वासन के भरोसे बैठे रहने की जगह लोगों ने अपने भरोसे काम शुरू किया। इसके लिए घर-घर चंदा इकट्ठा किया गया। ट्रैक्टर के मालिकों ने बिना किराया लिए अपना ट्रैक्टर ट्रेलर दिया। वहीं गांव के लोग दिनभर इस काम में अपना श्रमदान दे रहे हैं।
माधवपुर पंचायत से पश्चिम की तरफ विष्णुपुर गांव से दियारा जाने के लिये गांव के ठीक बाद गंगा की उपधारा है। इस उपधारा के बाद यहां के लोगों के 900 एकड़ खेत हैं। इन खेतों से फसल को घर तक लाने के लिए रास्ते की जरूरत थी। इसके लिए तीन किलोमीटर लंबा चिन्हित रास्ता पहले से उपलब्ध है। लेकिन इस रास्ते में आधा किलोमीटर की लंबाई में एक गहरा गड्ढा था। यदि इस रास्ते से फसल ले जाने पर अक्सर इस गड्ढे में ट्रेक्टर फंस जाते थे। इससे बचने के लिए किसान दूसरे रास्तों का उपयोग करते थे तो अन्य किसानों की फसल नष्ट होती थी। इस लॉकडाउन में सबने मिलकर यह ठाना कि अब वे किसी से मदद मांगने की बजाय स्वयं अपने खर्च से सड़क का निर्माण करेंगे। ग्रामीणों ने 18 मई से इस काम को उत्साह के साथ शुरू कर दिया है। 

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना