लापरवाही:वेबसाइट पर शिक्षक अपलोड कर रहे शपथ पत्र, पर 2500 से अधिक के फोल्डर गायब, नहीं हुई कार्रवाई

खगड़ियाएक महीने पहले
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  • फोल्डर गायब हाेने से जिले में फर्जी नियोजित शिक्षकाें का बोलबाला, जिला शिक्षा पदाधिकारी को कार्रवाई की जानकारी नहीं

खगड़िया में फर्जी नियोजित शिक्षकों की मौज है। वर्षों बीतने के बाद भी जांच ही चल रही है और आने वाले समय में भी यह जांच समाप्त होती नहीं दिख रही है। क्योंकि यहां ऐसे फर्जी शैक्षणिक प्रमाण-पत्र एवं अमान्य प्रमाण-पत्रों पर नियुक्त फर्जी शिक्षकों की चांदी कट रही है। जिसे विभाग द्वारा नकारा जा चुका है। बताया जा रहा है कि खगड़िया में 2500 से ज्यादा नियोजित शिक्षकों के फोल्डर विभिन्न नियोजन इकाई से गायब हो चुके हैं। इधर प्राथमिक शिक्षा निदेशालय की सख्ती के बाद कई नियोजित शिक्षकों द्वारा विभागीय वेबसाइट पर आनन-फानन में शपथ-पत्र अपलोड कर कार्रवाई से बचने की जुगत में लगे हैं। वहीं इस संबंध में जिले के शिक्षा अधिकारी को कार्रवाई की जानकारी नहीं है। जिला शिक्षा पदाधिकारी कृष्ण मोहन ठाकुर ने बताया कि नियोजन इकाई से इस संबंध में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है। शिक्षा विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कई ऐसे शिक्षक भी हैं जिन पर निगरानी द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया। लेकिन बाद में उन्हें अपीलीय प्राधिकार से राहत मिल गई। कुछ जगहों पर प्राधिकार ने ऐसे शिक्षकों को योगदान करा कर विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया। लेकिन शिक्षा विभाग ने ऐसे शिक्षकों को दोबारा नौकरी पर ज्वाइन कर फिर से वेतन देना शुरू कर दिया। जबकि प्राधिकार के निर्णय में ऐसा कोई आदेश नहीं है।

नहीं जमा हुए फोल्डर | मामले में निगरानी विभाग के डीएसपी कन्हैया लाल ने बताया कि खगड़िया में जिन शिक्षकों के फोल्डर नियोजन इकाई ने नहीं उपलब्ध कराए हैं उनके लिए पत्राचार किया गया है। उन्होंने बताया कि खगड़िया में 2500 से ज्यादा फोल्डर की मांग की गई है। जो अभी तक उपलब्ध नहीं हो सका है।

अपलोड शपथ-पत्र में अजीब तर्क
वैसे तो फर्जी व अमान्य शैक्षणिक प्रमाण-पत्र पर बहाल इन शिक्षकों पर कार्रवाई कई वर्षों से कागजी तौर पर की जा रही है, लेकिन फोल्डर गायब होने के बाद जिले के इन फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई अधर में है। वहीं अब जब विभाग ने सख्ती बरतते हुए ऐसे शिक्षकों को विभागीय वेबसाइट पर अपने प्रमाण पत्रों को अपलोड करने का निर्देश दिया है तो ऐसे कई शिक्षक अब शपथ पत्र विभागीय वेबसाइट पर अपलोड कर अजीबो गरीब तर्क दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि कई शिक्षक अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्र के खोने का हवाला देकर कार्रवाई से बचाव की चक्कर में हैं तो कई अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्र नष्ट होने की बात कह रहे हैं।

4800 शिक्षकों की बहाली
शिक्षा विभाग सहित निगरानी विभाग की सूत्रों की माने तो जिले में वर्ष 2012 तक विभिन्न नियोजन इकाई द्वारा करीब 4800 शिक्षकों की बहाली की गई थी। जानकारी के मुताबिक जब बिहार में ऐसे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था तो सूबे के सभी जिलों की नियोजन इकाई द्वारा बहाल शिक्षकों के फोल्डर गायब किये जाने लगे। इसी क्रम में खगड़िया से भी 2500 से ज्यादा फोल्डर गायब हैं। सूत्र बता रहे हैं कि निगरानी विभाग द्वारा कई बार इन फ़ोल्डरों की मांग की गई लेकिन फोल्डर नहीं उपलब्ध कराए गए हैं।

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