कोरोना पर वार:वैक्सीनेशन अभियान का आज एक वर्ष पूरा; अबतक 15 लाख 65 हजार 664 लोगों को लग चुका है टीका

खगड़िया11 दिन पहले
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शिविर में वैक्सीन लगवाते युवक। - Dainik Bhaskar
शिविर में वैक्सीन लगवाते युवक।
  • 15 से 18 वर्ष के 39 हजार 297 युवाओं और 3480 फ्रंटलाइन वर्करों को लगा बूस्टर डोज का टीका
  • संक्रमण की रफ्तार तेज, डीएम की जांच रिपोर्ट आई निगेटिव, मास्क जांच अभियान चलाकर लोगों को किया जा रहा जागरूक

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए केन्द्र प्रायोजित कोविड-19 राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान का आज यानी 15 जनवरी को एक वर्ष पूरा हो गया। इन एक वर्ष में जिले में अबतक कुल 15 लाख 65 हजार 664 लोगों को वैक्सीन लगाया गया। जिसमें 9 लाख 13 हजार 992 लोगों को टीके का पहल डोज और 6 लाख 48 हजार 192 लोगों को दूसरे डोज का टीका लगाया गया। इसके अलावा 15 वर्ष से 18 वर्ष तक के युवाओं के लिए इसी माह 3 जनवरी से शुरू हुए वैक्सीनेशन अभियान के तहत 12 दिनों में अबतक कुल 39 हजार 297 युवाओं को वैक्सीन का पहल डोज देकर कोविड से बचाव के लिए सुरक्षित किया गया। जबकि फ्रंट लाइन वर्कर के रूप में अबतक कुल 3480 लोगों को बूस्टर डोज का टीका लगाया गया है। उल्लेखनीय है कि इन दिनों जिले में काेरोना की लहर का प्रसार भी तेजी से हो रहा है। ऐसे में वर्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के रिपोर्ट के मुताबिक अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीनेशन करने पर बल दिया जा रहा है। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया कि जिले में प्रत्येक दिन शिविर लगाकर अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन देने का काम किया जा रहा है। इसके लिए गांव-गांव में शिविर लगाया जा रहा है। इसके अलावा 15 से 18 वर्ष तक के युवाओं को भी वैक्सीन लगाने के लिए स्कूल, कॉलेज एवं सामुदायिक स्तर पर कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।

जिले में लगाए गए 60 वैक्सीनेशन शिविर
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को भी जिला मुख्यालय सहित सभी प्रखंडों में कुल 60 वैक्सीनेशन शिविर आयोजित किए गए। शुक्रवार को चौथम प्रखंड में 20 जगह, अलौली में 5 जगह, गोगरी में 4 जगह, बेलदौर में 2 जगह, परबत्ता में 3 जगह, मानसी में 8 जगह और सदर प्रखंड में 7 जगहों पर वैक्सीनेशन कैंप आयोजित किया। जहां 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन का पहला और दूसरे डोज का टीका लगाया गया। इसके अलावा 15 से 18 वर्ष तक के आयु वर्ग के लिए चौथम प्रखंड में 2 जगह, परबत्ता में 3 जगह, मानसी में 1 जगह और सदर प्रखंड में 5 जगहों पर विशेष वैक्सीनेशन शिविर आयोजित किया गया।

दूसरे दिन भी समाहरणालय में छाई रही वीरानी
इधर समाहरणालय के कई कर्मियों समेत डीएम के अंगरक्षक एंव अन्य कर्मी के कोरोनो संक्रमित पाए जाने पर डीएम ने भी जांच के लिए अपना सैंपल दिया था। सैंपल देने के साथ उन्होंने खुद को अलग भी कर रखा था, मगर उनका रिपोर्ट निगेटिव आया। प्रभारी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आनंद प्रकाश ने बताया कि जिलाधिकारी का रिपोर्ट निगेटिव आया है। बताते चलें कि काेविड संक्रमण के कारण दूसरे दिन शुक्रवार को भी समाहरणालय में वीरानी छाई रही।

अलौली प्रखंड में वैक्सीनेशन की रफ्तार कम
बतात चलें कि कोविड से बचाव के लिए वैक्सीन काफी कारगार साबित हो रहा है। जिसके कारण हर तरफ वैक्सीनेशन अभियान पर जोर दिया जा रहा है, किंतू जिले में सबसे कम अलौली प्रखंड में वैक्सीनेशन हुआ है। ऐसा कहा जा रहा है कि जागरूकता के अभाव में वहां के लोग वैक्सीन लगाने से परहेज कर रहे हैं। हांलाकि युवाओं में उत्साह है और काफी संख्या में युवा आगे बढ़कर वैक्सीन लगावा रहे हैं।

कोविड के कारण गोगरी में नहीं हुआ अखाड़ा

गोगरी | गोगरी प्रखंढ क्षेत्र अंतर्गत गोगरी पंचायत में वर्षों से चला आ रहा अखाड़ा इस बार के मकर संक्रांति में नहीं खेला गया। लोगों ने बताया कि यह अखाड़ा कोरोना को लेकर बन्द किया गया। वहीं दबी जुबान से कई लोगों ने बताया कि अखाड़ा पूर्व मुखिया वकील प्रसाद यादव के नेतृत्व में कराया जाता था, लेकिन इस बार चुनाव में हार के कारण उन्होंने इस पर रुचि नहीं दिखाई। जिसके कारण अखाड़ा होना संभव नहीं हो पाया। वैसे कई बुद्धिजीवियों ने कहा कि इस बार कोरोना की लहर काफी फैल रहा है। जिसके कारण प्रशासन द्वारा इसका आदेश नहीं दिया गया, इसलिए अखाड़ा संभव नहीं हो पाया। बताते चलें कि अखाड़ा का आयोजन नहीं होने का जो भी कारण हो लेकिन अखाड़ा नहीं होने से पहलवानों व अखाड़ा के प्रेमियों में नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। कई लोग उदास होकर अखाड़ा परिसर से वापस लौटते हुए दिखे।

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